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Solan News: कोटला पुजारिया में आज से शुरू होगी श्री शिवगण देवता की जातर
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शिवगण देवता का रथ।
हवन के बाद प्रवास पर निकलेंगे शिवगण देवता, जून तक घर-घर पहुंचेगा रथ
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। पंचायत दाड़लाघाट के तहत कोटला पुजारिया गांव से श्री शिवगण देवता की पारंपरिक जातर रथ यात्रा इस वर्ष भी 21 मार्च से विधिवत रूप से आरंभ होगी, जोकि जून तक निरंतर चलेगी। इस दौरान देवता का पावन रथ क्षेत्र के विभिन्न गांवों व श्रद्धालुओं के घर-घर जाकर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करेगा। शिवगण देवता के सचिव जय चंद चंदेल ने बताया कि देवता का प्रवास कार्यक्रम 21 मार्च से शुरू किया जाएगा। जातर के शुभारंभ से पूर्व मंदिर परिसर में विधिवत हवन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। हवन सम्पन्न होने के पश्चात देवता अपने पारंपरिक रथ के साथ प्रवास पर निकलेंगे और क्षेत्र में भ्रमण करेंगे। उन्होंने बताया कि जातर के दौरान श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और आस्था के अनुसार देवता को अपने घर आमंत्रित करते हैं, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है तथा देव आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। यह परंपरा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं। जय चंद चंदेल ने बताया कि जो श्रद्धालु अपने घर पर देव जातर करवाना चाहते हैं, वे समय रहते देव प्रबंधक समिति से संपर्क कर सकते हैं, ताकि उनके घर भी देवता के प्रवास कार्यक्रम को शामिल किया जा सके और उचित समय निर्धारित किया जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। पंचायत दाड़लाघाट के तहत कोटला पुजारिया गांव से श्री शिवगण देवता की पारंपरिक जातर रथ यात्रा इस वर्ष भी 21 मार्च से विधिवत रूप से आरंभ होगी, जोकि जून तक निरंतर चलेगी। इस दौरान देवता का पावन रथ क्षेत्र के विभिन्न गांवों व श्रद्धालुओं के घर-घर जाकर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करेगा। शिवगण देवता के सचिव जय चंद चंदेल ने बताया कि देवता का प्रवास कार्यक्रम 21 मार्च से शुरू किया जाएगा। जातर के शुभारंभ से पूर्व मंदिर परिसर में विधिवत हवन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। हवन सम्पन्न होने के पश्चात देवता अपने पारंपरिक रथ के साथ प्रवास पर निकलेंगे और क्षेत्र में भ्रमण करेंगे। उन्होंने बताया कि जातर के दौरान श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और आस्था के अनुसार देवता को अपने घर आमंत्रित करते हैं, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है तथा देव आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। यह परंपरा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं। जय चंद चंदेल ने बताया कि जो श्रद्धालु अपने घर पर देव जातर करवाना चाहते हैं, वे समय रहते देव प्रबंधक समिति से संपर्क कर सकते हैं, ताकि उनके घर भी देवता के प्रवास कार्यक्रम को शामिल किया जा सके और उचित समय निर्धारित किया जा सके।