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फर्जी राशनकार्डों के जरिये डकारा गरीबों का राशन
ब्यूरो/अमर उजाला, अर्की (सोलन)
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:05 AM IST
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क्षेत्र के एक पूर्व डिपो संचालक पर फर्जी राशनकार्डों के जरिये गरीबों का राशन डकारने के आरोपों पर पुलिस थाना अर्की में मुकदमा दर्ज किया गया है। अधीक्षक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अंडर सेक्शन 3.7 एसेंशियल कम्यूनिटी एक्ट के तहत यह मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। वर्ष 2015-16 के दौरान डिपो संचालक पर अनियमितताएं करने के आरोप लगे हैं। इसकी पुष्टि डीएसपी नरवीर सिंह राठौर ने की है।
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पुलिस के मुताबिक अधीक्षक श्याम भाटिया ने कहा है कि विजिट के दौरान डिपो संचालक की अनियमितताएं पकड़ी गई थीं। वर्ष 2015 में विभाग ने सरप्राइज विजिट में डिपो के रजिस्टर चेक किए। इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी कर डिपो संचालक को रिकार्ड के साथ तलब किया। लेकिन नोटिसों को नजरअंदाज करते हुए डिपो संचालक विभाग के सामने पेश नहीं हुआ।
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आरोप है कि डिपो संचालक राशनकार्ड धारकों के कार्ड अपने पास रखता था और उसमें मनमर्जी की प्रविष्टियां अंकित करता रहता था। शिकायत पर विभाग ने निरीक्षण के दौरान उसे रंगे हाथों भी दबोचा था। विभाग को संदेह है कि उसके बाद रिकार्ड के साथ भी डिपो संचालक ने छेड़छाड़ की। तलब करने के बाद भी वह विभाग के पास न हाजिर नहीं हुआ तो मामला पुलिस के सपुर्द किया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया।
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यह लगे हैं आरोप
आरोप है कि 22 अगस्त 2016 को सुनवाई के दौरान संचालक हाजिर नहीं हुआ। नोटिस भी कई बार जारी किए गए लेकिन उसका जवाब नहीं आया। बीपीएल उपभोक्ताओं 228 के कार्ड थे लेकिन रजिस्टर में वह 269 दिखाता रहा। 41 कार्डों का राशन वह खुद ही डकारता रहा और वस्तुओं को बाजार की कीमतों पर खपाता रहा। इसके अलावा संबंधी दस्तावेज भी तलब किए गए लेकिन दस्तावेज शिमला होने का तर्क देकर संचालक ने जमा नहीं करवाए।