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Solan News: एक दशक से खाली पड़े मकान नगर परिषद ने दिए ठेकेदार को
Sun, 10 Nov 2024 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 10 Nov 2024 11:21 PM IST
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नालागढ़ में आईडीएसएमटी योजना के तहत बनाए गए मकान। संवाद
4 करोड़ रुपये में 73 आवास दिए 25 साल के लिए ठेके पर
औपचारिकताएं पूरी न होने पर नहीं मिल पाए यह ठेकेदार को
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। आईडीएसएमटी योजना के तहत नालागढ़ में बचे हुए आवास के लिए टेंडर लगा दिए हैं। नगर परिषद ने इन बचे हुए 73 आवासों को 4 करोड़ रुपये में 25 साल के लिए ठेकेदार को दिए हैं। ठेकेदार अब इन आवासों को किसी भी व्यक्ति को किराए पर दे सकता है। जिसके लिए नगर परिषद ने किराया भी निर्धारित कर दिया है।
सरकार ने गरीब आवास हीन लोगों के लिए इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट स्माल व मीडियम टाउन योजना के तहत 128 मकान बनाए थे। जिसमें 55 मकान तो किराए पर चढ़ गए हैं, लेकिन 73 मकान औपचारिकताएं पूरी न होने से नहीं चढ़े। पिछले एक दशक से यह भवन खाली पड़े थे। देखरेख के अभाव में यह भवन खराब हो रहे थे। नप ने इन भवनों की दुर्दशा को देखते हुए शहरी विभाग को पत्र लिखा। शहरी विभाग ने नप को इन बचे हुए आवास का टेंडर लगाने को कहा। जिस पर विभाग ने इन बचे हुए आवास का टेंडर लगाया। सबसे अधिक 4 करोड़ की बोली देने वाले को विभाग ने यह भवन 25 साल के लिए मकान दे दिए हैं। सभी आवास में टू रूम सेट हैं।
नप ने इन आवासों के भी रेट निर्धारित किए है। जिसमें ग्राउंड फ्लोर के चार हजार, पहली मंजिल के 3500 रुपये, दूसरी मंजिल के 3200 रुपये व तीसरी मंजिल के आवास का किराया 2800 रुपये प्रति माह रखा है। ठेकेदार इन भवनों को रिपेयर, रंग रोगन, बिजली फिटिंग का कार्य करेगा। इसके अलावा पीने का पानी व भवन की रखरखाव का जिम्मा भी ठेकेदार का ही होगा।
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नप के ईओ आरएस वर्मा ने बताया कि आईडीएमएसटी योजना के तहत 128 मकान गरीब लोगों के लिए बनाए थे। लेकिन 55 लोग ही औपचारिकताएं पूर कर पाए। पिछले दस सालों से यह मकान खाली पड़े थे। देखरेख के अभाव में खंडहर हो रहे थे। इन मकानों को अब विभाग ने चार करोड़़ में टेंडर लगाकर निजी ठेकेदार को दे दिए हैं। ठेकेदार अपने हिसाब से इसमें किराएदार रख सकता है। बिजली पानी व रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी और आवास का किराया भी निर्धारित कर दिया गया है। इससे अधिक किराया नहीं लिया जाएगा।
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औपचारिकताएं पूरी न होने पर नहीं मिल पाए यह ठेकेदार को
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। आईडीएसएमटी योजना के तहत नालागढ़ में बचे हुए आवास के लिए टेंडर लगा दिए हैं। नगर परिषद ने इन बचे हुए 73 आवासों को 4 करोड़ रुपये में 25 साल के लिए ठेकेदार को दिए हैं। ठेकेदार अब इन आवासों को किसी भी व्यक्ति को किराए पर दे सकता है। जिसके लिए नगर परिषद ने किराया भी निर्धारित कर दिया है।
सरकार ने गरीब आवास हीन लोगों के लिए इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट स्माल व मीडियम टाउन योजना के तहत 128 मकान बनाए थे। जिसमें 55 मकान तो किराए पर चढ़ गए हैं, लेकिन 73 मकान औपचारिकताएं पूरी न होने से नहीं चढ़े। पिछले एक दशक से यह भवन खाली पड़े थे। देखरेख के अभाव में यह भवन खराब हो रहे थे। नप ने इन भवनों की दुर्दशा को देखते हुए शहरी विभाग को पत्र लिखा। शहरी विभाग ने नप को इन बचे हुए आवास का टेंडर लगाने को कहा। जिस पर विभाग ने इन बचे हुए आवास का टेंडर लगाया। सबसे अधिक 4 करोड़ की बोली देने वाले को विभाग ने यह भवन 25 साल के लिए मकान दे दिए हैं। सभी आवास में टू रूम सेट हैं।
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नप ने इन आवासों के भी रेट निर्धारित किए है। जिसमें ग्राउंड फ्लोर के चार हजार, पहली मंजिल के 3500 रुपये, दूसरी मंजिल के 3200 रुपये व तीसरी मंजिल के आवास का किराया 2800 रुपये प्रति माह रखा है। ठेकेदार इन भवनों को रिपेयर, रंग रोगन, बिजली फिटिंग का कार्य करेगा। इसके अलावा पीने का पानी व भवन की रखरखाव का जिम्मा भी ठेकेदार का ही होगा।
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नप के ईओ आरएस वर्मा ने बताया कि आईडीएमएसटी योजना के तहत 128 मकान गरीब लोगों के लिए बनाए थे। लेकिन 55 लोग ही औपचारिकताएं पूर कर पाए। पिछले दस सालों से यह मकान खाली पड़े थे। देखरेख के अभाव में खंडहर हो रहे थे। इन मकानों को अब विभाग ने चार करोड़़ में टेंडर लगाकर निजी ठेकेदार को दे दिए हैं। ठेकेदार अपने हिसाब से इसमें किराएदार रख सकता है। बिजली पानी व रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी और आवास का किराया भी निर्धारित कर दिया गया है। इससे अधिक किराया नहीं लिया जाएगा।