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Solan News: जिले में सूखे से दस फीसदी फसलें खत्म टमाटर, शिमला मिर्च को अधिक नुकसान
Thu, 13 Jun 2024 11:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 13 Jun 2024 11:26 PM IST
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जिला कृषि विभाग सूखे से हुए नुकसान का कर रहा आंकलन
दो-तीन दिन में बारिश नहीं हुई तो, दोगुना हो जाएगा नुकसान का आंकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। भीषण गर्मी व सूखे के कारण जिले में अब तक 10 फीसदी नगदी फसलें नष्ट हो चुकी हैं। कृषि विभाग का दावा है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में बारिश नहीं होती तो यह नुकसान दोगुना हो जाएगा। ऐसे में सब्जी उत्पादन पर निर्भर किसानों के लिए वर्ष भर परिवार के पालन पोषण का भी संकट खड़ा हो जाएगा। इसके अलावा बारिश न होने से अभी तक किसान मक्की की फसलों की बुआई नहीं कर पाए हैं। सबसे अधिक नुकसान टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी और बीन को हो रहा है। जिसमें फसलें पूरी तरह से सुख चुकी है।
जानकारी के अनुसार जिला में टमाटर, शिमला मिर्च व फ्राॅसबीन मुख्य नगदी फसलें हैं। सब्जियों की फसलों से होने वाली आय से ही अधिकतर किसान वर्षभर परिवार का पालन पोषण करते हैं। जिला की 8100 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती होती है। जिले में 90 प्रतिशत किसानों की आय का मुख्य साधन टमाटर ही है। जिले के 65 प्रतिशत किसान बारिश पर ही निर्भर हैं। असिंचित क्षेत्रों में काफी पहले ही किसानों द्वारा संग्रहीत किया गया वर्षा जल समाप्त हो गया है और अब खेतों में खड़ीं फसलें सूख चुकी हैं। ऐसे में किसानों को पूरा नुकसान हो रहा है। इन फसलों के बारिश के बाद भी बढ़ने की उम्मीद नहीं है। सिंचाई वाले क्षेत्रों में भी पानी कम हो गया है और फसलों को कम पानी या लंबे अंतराल के बाद पानी मिल रहा है। ऐसे में वहां भी सब्जियां मुरझा गई हैं और सूखने के कगार पर पहुंच चुकी हैं।
उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. आरसी चौधरी ने बताया कि जिले में लंबे समय से पड़ रही गर्मी व सूखे के चलते निचले क्षेत्रों में तो किसान मक्की की बुआई नहीं कर पाए हैं। सब्जियों की फसलों को करीब 10 फीसदी नुकसान हो चुका है और यदि दो तीन दिनों में बारिश नहीं होती तो यह नुकसान दोगुना हो जाएगा। विभाग ने सूखे से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली है।
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दो-तीन दिन में बारिश नहीं हुई तो, दोगुना हो जाएगा नुकसान का आंकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। भीषण गर्मी व सूखे के कारण जिले में अब तक 10 फीसदी नगदी फसलें नष्ट हो चुकी हैं। कृषि विभाग का दावा है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में बारिश नहीं होती तो यह नुकसान दोगुना हो जाएगा। ऐसे में सब्जी उत्पादन पर निर्भर किसानों के लिए वर्ष भर परिवार के पालन पोषण का भी संकट खड़ा हो जाएगा। इसके अलावा बारिश न होने से अभी तक किसान मक्की की फसलों की बुआई नहीं कर पाए हैं। सबसे अधिक नुकसान टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी और बीन को हो रहा है। जिसमें फसलें पूरी तरह से सुख चुकी है।
जानकारी के अनुसार जिला में टमाटर, शिमला मिर्च व फ्राॅसबीन मुख्य नगदी फसलें हैं। सब्जियों की फसलों से होने वाली आय से ही अधिकतर किसान वर्षभर परिवार का पालन पोषण करते हैं। जिला की 8100 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती होती है। जिले में 90 प्रतिशत किसानों की आय का मुख्य साधन टमाटर ही है। जिले के 65 प्रतिशत किसान बारिश पर ही निर्भर हैं। असिंचित क्षेत्रों में काफी पहले ही किसानों द्वारा संग्रहीत किया गया वर्षा जल समाप्त हो गया है और अब खेतों में खड़ीं फसलें सूख चुकी हैं। ऐसे में किसानों को पूरा नुकसान हो रहा है। इन फसलों के बारिश के बाद भी बढ़ने की उम्मीद नहीं है। सिंचाई वाले क्षेत्रों में भी पानी कम हो गया है और फसलों को कम पानी या लंबे अंतराल के बाद पानी मिल रहा है। ऐसे में वहां भी सब्जियां मुरझा गई हैं और सूखने के कगार पर पहुंच चुकी हैं।
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उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. आरसी चौधरी ने बताया कि जिले में लंबे समय से पड़ रही गर्मी व सूखे के चलते निचले क्षेत्रों में तो किसान मक्की की बुआई नहीं कर पाए हैं। सब्जियों की फसलों को करीब 10 फीसदी नुकसान हो चुका है और यदि दो तीन दिनों में बारिश नहीं होती तो यह नुकसान दोगुना हो जाएगा। विभाग ने सूखे से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली है।
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