गुरु जी अब कलम से नहीं उंगली से लगाएंगे सुबह और शाम हाजिरी
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जिला सोलन में अब शिक्षकों का फरलू मारकर स्कूलों से नदारद रहना आसान नहीं होगा। शिक्षा विभाग ने बायोमैट्रिक्स से आनलाइन हाजिरी भरने की कवायद शुरू कर दी है। पहले चरण में इसे महज 13 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में लगाया है। इसके बाद हाई स्कूलों को दायरे में लाया जाएगा। उधर इस कवायद से लेकर शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचना होगा और समय पर स्कूल छोड़ना होगा। वहीं समय पर हाजिरी न लगने पर उन्हें पगार कटने की कार्रवाई झेलनी होगी। ऐसे में सरकारी स्कूलों में ड्यूटी के समय गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों की मनमानी पर रोक लग सकेगी।
बायोमैट्रिक्स मशीनों से हाजिरी के नियम पर यूनियनों ने पुरजोर समर्थन किया है। इस दायरे में सैकड़ों शिक्षक और मिनिस्ट्रियल स्टाफ आएगा। उपनिपदेशक उच्च शिक्षा सोलन आरके भारद्वाज ने कहा कि बायोमैट्रिक्स योजना शुरू हो चुकी है। पहले चरण में 13 स्कूलों को शामिल किया है। शिक्षकों की हाजिरी बायोमैट्रिक्स मशीनों से ऑनलाइन लगाई जा रही है।
ऑनलाइन दर्ज होगा रिकार्ड
हाजिरी स्कूल की घंटी बजने से पहले लगानी होगी। मतलब अगर दस बजे स्कूल लग रहा है तो ठीक दस बजे से पहले हाजिरी लग जानी चाहिए। वहीं छुट्टी होने के बाद भी अटैंडेंस लगानी होगी। अन्यथा शार्ट डे होगा। इस मशीन में सभी शिक्षकों के स्कूल में आने और जाने का समय का रिकार्ड आनलाइन दर्ज होगा। इससे विभाग के उच्च अधिकारी अपने आफिस में बैठकर ही सभी शिक्षकों की जानकारी ले सकेंगे। विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति 100 प्रतिशत हो सके, इस मकसद से यह व्यवस्था की है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे शिक्षा में गुणवत्ता और परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के सहायता मिल सकेगी।
जिला में यह स्कूल आएंगे दायरे में
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हाई स्कूल 63
मिडल स्कूल 148
सीनियर सेकें डरी स्कूल 114
कवायद को समर्थन : वर्मा
हिमाचल प्रदेश शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरोत्तम वर्मा ने बायोमैटिक्स मशीन से हाजिरी लगाने की कवायद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इससे स्कूलों में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक्स के साथ रजिस्टर में भी हाजरी लगाने की सुविधा होनी चाहिए।
आधार से लिंक मशीनें यहां लगी
छात्र और कन्या स्कूल सोलन, अर्की, नालागढ़, बद्दी, रामशहर, कुठाड़, कंडाघाट, ममलीग और दाड़लाघाट स्कूलों में पहले चरण में यह मशीनें लगाई हैं। बायोमैटिक्स मशीन द्वारा ली जाने वाली हाजिरी शिक्षकों के आधार से लिंक होगी। शिक्षकों को अपने आधार कार्ड पर दर्ज 12 अंकों वाले नंबर में से अंतिम आठ अंकों को मशीन में भरना होगा जिसके बाद मशीन आधार कार्ड से लिंक हो जाएगी। इससे हाजिरी भरने वाले की पहचान की जा सकेगी।