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Solan News: आंगनबाड़ियों में समर मेला अभियान शुरू, खेल-खेल में सीखेंगे नौनिहाल
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माताओं को बच्चों की शुरुआती पढ़ाई की तकनीक सिखा रहा महिला एवं बाल विकास विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। महिला एवं बाल विकास विभाग ने नौनिहालों के लिए समर मेला अभियान शुरू किया है। इसके तहत जिले की आंगनबाड़ियों में प्रतिदिन विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से माताओं को खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाने की आसान तकनीक सिखाई जा रही है। अभियान के तहत बच्चों को चित्र पहचानना, रंग भरना, कहानी सुनना-सुनाना और घर की वस्तुओं की गिनती जैसी गतिविधियों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्कूल में प्रवेश से पहले बच्चों में प्रारंभिक शिक्षा के प्रति रुचि विकसित करना है, ताकि आगे चलकर उन्हें पढ़ाई में कठिनाई का सामना न करना पड़े। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पद्म देव शर्मा ने बताया कि शुरुआती उम्र में बच्चे भाषा, गणित और अन्य बुनियादी कौशल तेजी से सीखते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए माताओं को घर पर ही खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों की शुरुआती शिक्षा मजबूत होगी और माताओं के लिए भी उन्हें पढ़ाना आसान होगा। विभाग बच्चों के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। महिला एवं बाल विकास विभाग ने नौनिहालों के लिए समर मेला अभियान शुरू किया है। इसके तहत जिले की आंगनबाड़ियों में प्रतिदिन विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से माताओं को खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाने की आसान तकनीक सिखाई जा रही है। अभियान के तहत बच्चों को चित्र पहचानना, रंग भरना, कहानी सुनना-सुनाना और घर की वस्तुओं की गिनती जैसी गतिविधियों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्कूल में प्रवेश से पहले बच्चों में प्रारंभिक शिक्षा के प्रति रुचि विकसित करना है, ताकि आगे चलकर उन्हें पढ़ाई में कठिनाई का सामना न करना पड़े। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पद्म देव शर्मा ने बताया कि शुरुआती उम्र में बच्चे भाषा, गणित और अन्य बुनियादी कौशल तेजी से सीखते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए माताओं को घर पर ही खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों की शुरुआती शिक्षा मजबूत होगी और माताओं के लिए भी उन्हें पढ़ाना आसान होगा। विभाग बच्चों के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत है।