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फोरलेन निर्माण की जद में रहेड़ी-फड़ी धारकों को मिलेगी जगह
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ोलन बाईपास मार्ग पर हाईवे पर आवाजाही करते वाहन। संवाद
- फोटो : SOLAN
सोलन। फोरलेन निर्माण के चलते बेसहारा दर्जनों रहेड़ी-फड़ी धारकों के लिए नगर निगम जगह की तलाश करेगा। दुकानें नहीं लगने की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रहे गरीब परिवारों को कारोबार करने के लिए नेशनल हाईवे किनारे स्थान दिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने शहर में भूमि की तलाश शुरू कर दी है।
करीब तीन महीने पहले पूर्व बाईपास में फोरलेन निर्माण के चलते अधिकतर फड़ी धारकों की जमीन पर जेसीबी चलाई गई थी। इसके बाद नगर निगम ने वेंडर मार्केट के लिए प्रत्येक फड़ी धारकों का पंजीकरण किया। इनमें से लगभग सात दुकानदारों के पास ही निगम के लाइसेंस मिले।
फोरलेन कंपनी ने दर्जनों रेहड़ी-फड़ी धारकों का अतिक्रमण हटाया था। कंपनी ने दुकानें हटाने के लिए करीब सात महीने पहले नोटिस जारी किए थे। अब कोरोना के साथ-साथ आर्थिकी से कमजोर गरीब परिवारों के लिए नगर निगम जगह की चयन प्रक्रिया में जुट चुका है।
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उधर, नगर निगम कमिश्नर एलआर वर्मा ने कहा कि बाईपास पर फोरलेन निर्माण से बेसहारा हुए रेहड़ी-फड़ी धारकों को कारोबार करने के लिए जगह की तलाश की जा रही है। हाईवे किनारे पर इन्हें दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी।
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करीब तीन महीने पहले पूर्व बाईपास में फोरलेन निर्माण के चलते अधिकतर फड़ी धारकों की जमीन पर जेसीबी चलाई गई थी। इसके बाद नगर निगम ने वेंडर मार्केट के लिए प्रत्येक फड़ी धारकों का पंजीकरण किया। इनमें से लगभग सात दुकानदारों के पास ही निगम के लाइसेंस मिले।
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फोरलेन कंपनी ने दर्जनों रेहड़ी-फड़ी धारकों का अतिक्रमण हटाया था। कंपनी ने दुकानें हटाने के लिए करीब सात महीने पहले नोटिस जारी किए थे। अब कोरोना के साथ-साथ आर्थिकी से कमजोर गरीब परिवारों के लिए नगर निगम जगह की चयन प्रक्रिया में जुट चुका है।
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उधर, नगर निगम कमिश्नर एलआर वर्मा ने कहा कि बाईपास पर फोरलेन निर्माण से बेसहारा हुए रेहड़ी-फड़ी धारकों को कारोबार करने के लिए जगह की तलाश की जा रही है। हाईवे किनारे पर इन्हें दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी।