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Solan News: डगशाई छावनी में आवारा कुत्तों, बंदरों और अन्य जानवरों का आतंक
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सेना के जवानों व स्थानीय लोगों के लिए बढ़ा खतरा, पर्यटकों भी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
कसौली (सोलन)। डगशाई छावनी क्षेत्र में इन दिनों आवारा कुत्तों, बंदरों और अन्य आवारा जानवरों का बढ़ता आतंक स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां तैनात सेना के जवानों और सिविलियनों के लिए चिंता का कारण बन गया है। छावनी क्षेत्र एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में आवारा जानवरों की बढ़ती संख्या से लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छावनी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में आवारा कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं। कई बार ये कुत्ते राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ पड़ते हैं। वहीं बंदरों का आतंक भी लगातार बढ़ रहा है। बंदरों द्वारा घरों तथा दुकानों में घुसकर सामान उठाने और नुकसान पहुंचाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। लोगों के अनुसार बच्चों, बुजुर्गों और अकेले आने-जाने वाले लोगों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ता है। पर्यटन सीजन के दौरान बाहर से आने वाले पर्यटक भी इन आवारा जानवरों के कारण असहज महसूस करते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और छावनी प्रबंधन से मांग की है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों, बंदरों तथा अन्य जानवरों की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी अभियान चलाया जाए। साथ ही नियमित निगरानी और उचित प्रबंधन की व्यवस्था की जाए, ताकि छावनी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के साथ पर्यटकों को भी सुरक्षित वातावरण मिल सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कसौली (सोलन)। डगशाई छावनी क्षेत्र में इन दिनों आवारा कुत्तों, बंदरों और अन्य आवारा जानवरों का बढ़ता आतंक स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां तैनात सेना के जवानों और सिविलियनों के लिए चिंता का कारण बन गया है। छावनी क्षेत्र एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में आवारा जानवरों की बढ़ती संख्या से लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छावनी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में आवारा कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं। कई बार ये कुत्ते राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ पड़ते हैं। वहीं बंदरों का आतंक भी लगातार बढ़ रहा है। बंदरों द्वारा घरों तथा दुकानों में घुसकर सामान उठाने और नुकसान पहुंचाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। लोगों के अनुसार बच्चों, बुजुर्गों और अकेले आने-जाने वाले लोगों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ता है। पर्यटन सीजन के दौरान बाहर से आने वाले पर्यटक भी इन आवारा जानवरों के कारण असहज महसूस करते हैं।
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स्थानीय लोगों ने प्रशासन और छावनी प्रबंधन से मांग की है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों, बंदरों तथा अन्य जानवरों की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी अभियान चलाया जाए। साथ ही नियमित निगरानी और उचित प्रबंधन की व्यवस्था की जाए, ताकि छावनी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के साथ पर्यटकों को भी सुरक्षित वातावरण मिल सके।
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