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रामलोक के बाबा के समर्थन में उतरा ग्रामीणों का दूसरा धड़ा
सोलन, ब्यूरो
Updated Tue, 16 May 2017 10:45 PM IST
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रूड़ा के रामलोक मंदिर के बाबा अमरदेव के चौतरफा विरोध के बाद अब कुछ लोग बाबा के समर्थन में भी उतर आए हैं। मंदिर को जमीन दान करने वाला शख्स भी बाबा की रामलोक में वापसी पर अड़ गया है। जमीन दान करने वाले का कहना है कि वह जमीन तभी देंगे जब बाबा मंदिर में रहेंगे। ग्रामीणों और बाबा के बीच शुरू हुई लड़ाई अब ग्रामीणों की आपसी फूट में बदलती जा रही है।
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सोलन शहर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंदिर कमेटी के प्रधान लक्ष्मी सिंह ठाकुर ने जमीन वापस लेने का एलान किया। लक्ष्मी ठाकुर ने मंदिर निर्माण को करीब तीन बीघा जमीन दान देने का फैसला किया है। लेकिन अब उनका कहना है कि वह जमीन सिर्फ बाबा अमरदेव की वापसी पर ही दान करेंगे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए और मंदिर की देखरेख बाबा अमरदेव के पास ही रहनी चाहिए। यदि यह शर्तें पूरी होती हैं तो वह तीन बीघा जमीन मंदिर को दान देगा अन्यथा वह भूमि दान के लिए राजी नहीं हैं। कहा कि जो लोग बाबा अमरदेव का विरोध कर रहे हैं वह स्थानीय लोग नहीं हैं। बाहरी पंचायतों के लोग रूड़ा गांव के कुछ लोगों को भड़का रहे हैं। यह मामला तुंदल पंचायत का है और इसे आपस में बैठकर सुलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह बाबा के हक में हैं।
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उन्होंने कहा कि बाबा और लोगों के बीच झड़प क्यों हुई उसका पता नहीं चल सका है। वह स्वयं उस वक्त मौके पर नहीं थे। कहा कि जिस स्थान पर मंदिर बन रहा है वहां पहले से ही स्थानीय माहपना देवता की मूर्तियां थीं। कई वर्षों से यहां पूजा पाठ होता है। महापना देवता की स्थापना ऐसे तो अलझो गांव में हैं लेकिन रूड़ा में स्थान होने के कारण देवता साल में दो बार यहां आते हैं।
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नियोजित था हमला, विवाद से दूर रहें नेता
बाबा समर्थक ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों ने बाबा अमरदेव पर हमला किया है उनमें अधिकतर लोग बीशा पंचायत के थे। आरोप लगाया कि बाबा पर हमला प्लान बनाकर किया था। इसमें पहले से ही एसडीएम और पुलिस को लिखित में सूचना दी थी। मामले से राजनीतिक लोग हट जाएं। ग्रामीणों ने कहा कि कुछ राजनीतिक लोग इस मामले को तूल दे रहे हैं। बाबा के साथ और बाबा खिलाफ स्थानीय लोग ही हैं। इस मसले को वह बातचीत से सुलझा लेंगे।
एफआईआर में कुछ नाम गलत भी
बाबा समर्थक ग्रामीणों ने माना की एफआईआर में कुछ ऐसे लोगों के नाम शामिल हो गए हैं जो मौके पर मौजूद नहीं थे। इस मौके पर चश्मदीद मोहन दत्त निवासी बगेटू और ज्ञानचंद कश्यप ने भी बयान दिए। इस अवसर पर मंदिर कमेटी के उपप्रधान ज्ञान चंद ठाकुर निवासी रूढ़ा, सचिव लोकेश्वर दत्त शर्मा निवासी रूढ़ा, रमेश शर्मा, जय सिंह, जोगिंद्र, चैन सिंह, रत्न सिंह और रविंद्र सिंह सहित करीब 30-35 लोग मौजूद रहे।
बाबा की वापसी का करेंगे विरोध : प्रवीण
बाबा अमरदेव के विरोध में उतरे लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे सुंदल पंचायत के प्रधान प्रवीण कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सीआईडी से एक हफ्ते में बाबा की पूरी रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि सभी ग्रामीण एकजुट हैं और बाबा के वापस आने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा अमरदेव कौन हैं कहां से आए हैं इसकी जांच होनी चाहिए। बाबा अब से पहले कई बार लोगों को सरेआम धमकी दे चुका है।