{"_id":"6a9174ec141747cd2a0c7b79","slug":"solan-regional-hospital-has-not-received-calcium-medication-even-after-five-months-solan-news-c-176-1-sln1013-177526-2026-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: पांच माह बाद भी नहीं मिली पाई क्षेत्रीय अस्पताल सोलन को कैल्शियम की दवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: पांच माह बाद भी नहीं मिली पाई क्षेत्रीय अस्पताल सोलन को कैल्शियम की दवा
Sat, 29 Aug 2026 12:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 29 Aug 2026 12:14 AM IST
विज्ञापन
भर्ती मरीजों के लिए अस्पताल प्रशासन को खुद खरीदनी पड़ रही है दवा
सरकार को चार बार भेजी जा चुकी है मांग, हर बार रद्द हो रहा टेंडर
कारणों का पता नहीं, मरीज 50 से 150 रुपये में बाजार से खरीदने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में पिछले पांच महीनों से कैल्शियम की दवा का टोटा है। इसके चलते अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं और आर्थो (हड्डी रोग) के मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुफ्त मिलने वाली दवाओं के लिए मरीजों को निजी मेडिकल स्टोरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जहां उन्हें 50 से 150 रुपये तक खर्च उठाना पड़ रहा है।
स्थिति यह हो गई है कि अस्पताल के वार्डों में दाखिल गर्भवती महिलाओं के लिए प्रशासन को खुद ही स्थानीय स्तर पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे अस्पताल के बजट पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। प्रशासन पिछले पांच महीनों में चार से अधिक बार सरकार को दवा आपूर्ति के लिए मांग पत्र भेज चुका है, लेकिन हर बार टेंडर रद्द हो जाता है। हैरानी की बात यह है कि प्रस्ताव खारिज होने के कारणों का भी पता नहीं चल पा रहा है। अस्पताल के पास रखा आपातकालीन स्टॉक भी अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। हालांकि, प्रशासन ने एक बार फिर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दवा का आवेदन भेजा है और जल्द आपूर्ति मिलने की उम्मीद जताई है।
इनसेट
बीपी की दो मुख्य दवाएं भी स्टॉक से गायब
अस्पताल में सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, बल्कि ब्लड प्रेशर (बीपी) के मरीजों के लिए बेहद जरूरी दो दवाएं—एम्लोडिफाइन और टेल्मिसार्टन भी पूरी तरह खत्म हैं। बीपी के मरीजों को भी बाहर से ही महंगे दामों पर दवाएं खरीदनी पड़ रही है। प्रशासन का कहना है कि इन दवाओं की आपूर्ति के लिए भी आवेदन भेजा गया है।
विज्ञापन
कोट
अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को सुविधा देने के लिए लगातार दवा की मांग भेजी जा रही है। इस बार स्टॉक मिलने की पूरी उम्मीद है। वार्ड में भर्ती गर्भवती महिलाओं के लिए प्रशासन स्वयं दवाएं खरीद कर दे रहा है ताकि उन्हें परेशानी न हो, हालांकि अन्य मरीजों को फिलहाल निजी दुकानों से ही दवा लेनी पड़ रही है। - डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
विज्ञापन
सरकार को चार बार भेजी जा चुकी है मांग, हर बार रद्द हो रहा टेंडर
कारणों का पता नहीं, मरीज 50 से 150 रुपये में बाजार से खरीदने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में पिछले पांच महीनों से कैल्शियम की दवा का टोटा है। इसके चलते अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं और आर्थो (हड्डी रोग) के मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुफ्त मिलने वाली दवाओं के लिए मरीजों को निजी मेडिकल स्टोरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जहां उन्हें 50 से 150 रुपये तक खर्च उठाना पड़ रहा है।
स्थिति यह हो गई है कि अस्पताल के वार्डों में दाखिल गर्भवती महिलाओं के लिए प्रशासन को खुद ही स्थानीय स्तर पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे अस्पताल के बजट पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। प्रशासन पिछले पांच महीनों में चार से अधिक बार सरकार को दवा आपूर्ति के लिए मांग पत्र भेज चुका है, लेकिन हर बार टेंडर रद्द हो जाता है। हैरानी की बात यह है कि प्रस्ताव खारिज होने के कारणों का भी पता नहीं चल पा रहा है। अस्पताल के पास रखा आपातकालीन स्टॉक भी अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। हालांकि, प्रशासन ने एक बार फिर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दवा का आवेदन भेजा है और जल्द आपूर्ति मिलने की उम्मीद जताई है।
विज्ञापन
इनसेट
बीपी की दो मुख्य दवाएं भी स्टॉक से गायब
अस्पताल में सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, बल्कि ब्लड प्रेशर (बीपी) के मरीजों के लिए बेहद जरूरी दो दवाएं—एम्लोडिफाइन और टेल्मिसार्टन भी पूरी तरह खत्म हैं। बीपी के मरीजों को भी बाहर से ही महंगे दामों पर दवाएं खरीदनी पड़ रही है। प्रशासन का कहना है कि इन दवाओं की आपूर्ति के लिए भी आवेदन भेजा गया है।
विज्ञापन
कोट
अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को सुविधा देने के लिए लगातार दवा की मांग भेजी जा रही है। इस बार स्टॉक मिलने की पूरी उम्मीद है। वार्ड में भर्ती गर्भवती महिलाओं के लिए प्रशासन स्वयं दवाएं खरीद कर दे रहा है ताकि उन्हें परेशानी न हो, हालांकि अन्य मरीजों को फिलहाल निजी दुकानों से ही दवा लेनी पड़ रही है। - डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन