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Solan News: नौणी विवि के वैज्ञानिक यूरोपियन संघ की कार्यशाला में ले रहे भाग
Mon, 20 May 2024 06:02 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 20 May 2024 06:02 PM IST
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यूरोपीय संघ की अंतर्राष्ट्रीय एग्रोइकोलॉजी अनुसंधान परियोजना पर कार्यशाला में मौजूद वक्ता। संवा
सामान्य कृषि पारिस्थितिकीय प्लेटफार्मों को विकसित करने पर होगी चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विवि का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल एग्रोइकोलॉजी पर अनुसंधान के लिए एक्रोपिक्स कंसोर्टियम के तहत फ्रांस और क्रोएशिया में अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भाग ले रहा है। परियोजना का उद्देश्य एग्रोइकोलॉजी फसल संरक्षण में सह-नवाचार को बढ़ावा देना है। परियोजना में 13 देशों के 15 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 12 शैक्षणिक संगठन और तीन कंपनियां शामिल हैं। प्राकृतिक खेती जैसी कृषि पारिस्थितिकी प्रथाओं में एक अग्रणी संस्थान के रूप में, डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय इस परियोजना में भारत से एकमात्र सदस्य है। परियोजना के तहत क्रोएशिया में 21 से 23 मई तक जगरेब विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में आयोजित कृषि पारिस्थितिकी सह-नवाचार पर एक सम्मेलन और कार्यशाला में भी विश्वविद्यालय की टीम भाग लेंगी। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के सभी एक्रोपिक्स सदस्य भाग लेंगे, जहां चर्चा सामान्य कृषि पारिस्थितिकीय प्लेटफार्मों को विकसित करने और यह मूल्यांकन करने पर केंद्रित होगी कि क्या वर्तमान टिकाऊ कृषि प्लेटफार्म खेती के सभी घटकों का समर्थन करते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विवि का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल एग्रोइकोलॉजी पर अनुसंधान के लिए एक्रोपिक्स कंसोर्टियम के तहत फ्रांस और क्रोएशिया में अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भाग ले रहा है। परियोजना का उद्देश्य एग्रोइकोलॉजी फसल संरक्षण में सह-नवाचार को बढ़ावा देना है। परियोजना में 13 देशों के 15 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 12 शैक्षणिक संगठन और तीन कंपनियां शामिल हैं। प्राकृतिक खेती जैसी कृषि पारिस्थितिकी प्रथाओं में एक अग्रणी संस्थान के रूप में, डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय इस परियोजना में भारत से एकमात्र सदस्य है। परियोजना के तहत क्रोएशिया में 21 से 23 मई तक जगरेब विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में आयोजित कृषि पारिस्थितिकी सह-नवाचार पर एक सम्मेलन और कार्यशाला में भी विश्वविद्यालय की टीम भाग लेंगी। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के सभी एक्रोपिक्स सदस्य भाग लेंगे, जहां चर्चा सामान्य कृषि पारिस्थितिकीय प्लेटफार्मों को विकसित करने और यह मूल्यांकन करने पर केंद्रित होगी कि क्या वर्तमान टिकाऊ कृषि प्लेटफार्म खेती के सभी घटकों का समर्थन करते हैं।