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Solan News: पर्ची सिस्टम होगा खत्म, हर व्यक्ति का बनेगा आभा डिजिटल कार्ड
Sat, 20 May 2023 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 20 May 2023 11:03 PM IST
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कार्ड के जरिए किसी भी अस्पताल में करवा सकेंगे मरीज इलाज
आधार कार्ड की तर्ज पर दिया जाएगा 14 अंकों एक अलग नंबर
कार्ड का नंबर डालते ही मरीज के स्वास्थ्य का मिल जाएगा ब्योरा
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। प्रदेश के अस्पतालों में अब पर्ची सिस्टम खत्म हो जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत लोगों का डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाएगा। इस कार्ड के जरिए मरीज किसी भी अस्पताल में अपना इलाज करवा सकेंगे। कार्ड बनाने के बाद लोगों के पास आधार कार्ड तर्ज पर 14 अंकों का नंबर दिया जाएगा। खास बात यह है कि एक बार आईडी बनने के पश्चात मरीजों को अस्पताल के पर्ची काउंटर में लगी लंबी लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। वहीं मरीज का डाटा संबंधित चिकित्सक के पास पहुंच जाएगा। इसमें व्यक्ति कब बीमार हुआ था, किस अस्पताल के किस चिकित्सक ने उनका इलाज किया था, क्या इलाज किया था, इलाज में कौन सी दवाइयां चिकित्सक ने लिखी थीं, क्या-क्या जांच की गई, रिपोर्ट में क्या आया था, इससे संबंधित सारा ब्योरा रहेगा, जिससे मरीज का उपचार जल्द शुरू होगा और मरीजों को अधिक परेशानी भी नहीं झेलनी पड़ेगी।
गौर रहे कि केंद्र की ओर से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है। अब देश में प्रत्येक व्यक्ति की आभा आईडी बनाई जा रही है। इस यूनिक आईडी के माध्यम से लोगों का फायदा देने के लिए कार्य किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में भी जल्द आभा आईडी बनाने के लिए आगामी दिनों में काम शुरू होगा। इस आईडी के बनने के बाद आयुष्मान डिजिटल हेल्थ मिशन की बेवसाइट abdm.gov.in पर जाकर एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद 14 अंक की आईडी को डालने के बाद से लोग अस्पतालों में फायदा उठा सकेंगे।
उधर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि इस प्रकार की योजना केंद्र सरकार की ओर से आई है। जिस पर आगामी कुछ दिनों में कार्य शुरू होगा।
इनसेट
पर्ची गुम होने पर भी मिलेगा फायदा
मरीज की पर्ची गुम हो जाने पर भी इस आईडी का फायदा मिलेगा। क्योंकि कार्ड बन जाने के बाद लोगों को पर्ची की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल पर्ची ही प्रत्येक जगह काम आएगी। आभा कार्ड को घर बैठे बनाया जा सकता है। इसके अलावा आभा कार्ड को बीमा कंपनी के साथ जोड़ा गया है। इससे बीमा क्लेम में भी आसानी होगी।
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इनसेट
चिकित्सक के कमरे के बाहर लगा होगा क्यूआर कोड
चिकित्सक के कमरे के बाहर क्यूआर कोड लगा होगा। जिसे स्कैन करते ही डिटेल चिकित्सक के पास पहुंच जाएगी। उपचार के बाद यदि चिकित्सक की ओर से टेस्ट लिखे जाते हैं तो वहां की रिपोर्ट भी इसी आभा आईडी में आ जाएगी। जिसके बाद इसे ऑनलाइन ही चिकित्सक को भी भेजा जा सकेगा।
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आधार कार्ड की तर्ज पर दिया जाएगा 14 अंकों एक अलग नंबर
कार्ड का नंबर डालते ही मरीज के स्वास्थ्य का मिल जाएगा ब्योरा
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। प्रदेश के अस्पतालों में अब पर्ची सिस्टम खत्म हो जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत लोगों का डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाएगा। इस कार्ड के जरिए मरीज किसी भी अस्पताल में अपना इलाज करवा सकेंगे। कार्ड बनाने के बाद लोगों के पास आधार कार्ड तर्ज पर 14 अंकों का नंबर दिया जाएगा। खास बात यह है कि एक बार आईडी बनने के पश्चात मरीजों को अस्पताल के पर्ची काउंटर में लगी लंबी लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। वहीं मरीज का डाटा संबंधित चिकित्सक के पास पहुंच जाएगा। इसमें व्यक्ति कब बीमार हुआ था, किस अस्पताल के किस चिकित्सक ने उनका इलाज किया था, क्या इलाज किया था, इलाज में कौन सी दवाइयां चिकित्सक ने लिखी थीं, क्या-क्या जांच की गई, रिपोर्ट में क्या आया था, इससे संबंधित सारा ब्योरा रहेगा, जिससे मरीज का उपचार जल्द शुरू होगा और मरीजों को अधिक परेशानी भी नहीं झेलनी पड़ेगी।
गौर रहे कि केंद्र की ओर से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है। अब देश में प्रत्येक व्यक्ति की आभा आईडी बनाई जा रही है। इस यूनिक आईडी के माध्यम से लोगों का फायदा देने के लिए कार्य किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में भी जल्द आभा आईडी बनाने के लिए आगामी दिनों में काम शुरू होगा। इस आईडी के बनने के बाद आयुष्मान डिजिटल हेल्थ मिशन की बेवसाइट abdm.gov.in पर जाकर एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद 14 अंक की आईडी को डालने के बाद से लोग अस्पतालों में फायदा उठा सकेंगे।
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उधर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि इस प्रकार की योजना केंद्र सरकार की ओर से आई है। जिस पर आगामी कुछ दिनों में कार्य शुरू होगा।
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पर्ची गुम होने पर भी मिलेगा फायदा
मरीज की पर्ची गुम हो जाने पर भी इस आईडी का फायदा मिलेगा। क्योंकि कार्ड बन जाने के बाद लोगों को पर्ची की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल पर्ची ही प्रत्येक जगह काम आएगी। आभा कार्ड को घर बैठे बनाया जा सकता है। इसके अलावा आभा कार्ड को बीमा कंपनी के साथ जोड़ा गया है। इससे बीमा क्लेम में भी आसानी होगी।
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चिकित्सक के कमरे के बाहर लगा होगा क्यूआर कोड
चिकित्सक के कमरे के बाहर क्यूआर कोड लगा होगा। जिसे स्कैन करते ही डिटेल चिकित्सक के पास पहुंच जाएगी। उपचार के बाद यदि चिकित्सक की ओर से टेस्ट लिखे जाते हैं तो वहां की रिपोर्ट भी इसी आभा आईडी में आ जाएगी। जिसके बाद इसे ऑनलाइन ही चिकित्सक को भी भेजा जा सकेगा।