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सिरमौर का मामला: कुत्ते का शिकार करने घर में घुसा तेंदुआ, 36 घंटे तक खुद रहा कैद; ऐसे हुआ सुरक्षित रेस्क्यू

Mon, 21 Sep 2026 10:24 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, ददाहू (सिरमौर)।
संवाद न्यूज एजेंसी, ददाहू (सिरमौर)। Published by: Ankesh Dogra Updated Mon, 21 Sep 2026 10:24 AM IST
सार

सिरमौर के संगड़ाह क्षेत्र के चूईनाधार गांव में कुत्ते का शिकार करने घर में घुसा तेंदुआ खुद ही कमरे में कैद हो गया। तेंदुआ करीब 36 घंटे तक पहली मंजिल के कमरे में बंद रहा। परिवार ने बिना जोखिम उठाए कमरे को बाहर से बंद रखा और वन विभाग को सूचना दी। वन परिक्षेत्र अधिकारी संगड़ाह सत्य प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने ट्रेंकुलाइजर और प्रशिक्षित निशानेबाज की मदद से तेंदुए को सुरक्षित काबू किया। शनिवार देर शाम उसका रेस्क्यू कर उसे साथ लगते जंगल में छोड़ दिया गया।

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sirmaur chuinalhar leopard trapped house 36 hours rescue forest
तेंदुए को रेस्क्यू करती विभाग की टीम। - फोटो : स्रोत : वीडियो ग्रैब

विस्तार

सिरमौर के संगड़ाह उपमंडल की भलाड़-भलौना पंचायत के चूईनाधार गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब कुत्ते का शिकार करने घर में घुसा एक तेंदुआ खुद ही कमरे में फंस गया। करीब 36 घंटे तक तेंदुआ मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में कैद रहा। इस दौरान परिवार और ग्रामीणों में चिंता बनी रही।

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जानकारी के अनुसार चूईनाधार गांव निवासी मीना राम के घर की पहली मंजिल पर बने कमरे में तेंदुआ कुत्ते का शिकार करने पहुंचा था। इसी दौरान कमरे में तेंदुए और कुत्ते के बीच झड़प हो गई। इसी बीच कमरे का दरवाजा बंद हो गया और तेंदुआ अंदर ही फंस गया।
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जब परिवार को कमरे में तेंदुए के होने की जानकारी मिली तो उन्होंने जोखिम उठाने के बजाय कमरे का दरवाजा बाहर से बंद रखा और तुरंत वन विभाग को सूचना दी। घर में तेंदुआ होने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचने लगे।
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स्थिति को देखते हुए परिवार ने तेंदुए के करीब जाने की कोशिश नहीं की। वन विभाग की टीम के पहुंचने तक कमरे को बंद रखा गया, ताकि तेंदुआ बाहर निकलकर किसी व्यक्ति के लिए खतरा न बने।

सूचना मिलने के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी संगड़ाह सत्य प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तेंदुए को सुरक्षित तरीके से काबू करने के लिए उसे बेहोश करने वाली दवा और प्रशिक्षित निशानेबाज की व्यवस्था की गई। रेस्क्यू अभियान में आवश्यक विशेषज्ञों और संसाधनों की व्यवस्था में समय लगा, जिसके चलते अभियान करीब 36 घंटे तक चला।

शनिवार देर शाम वन विभाग की टीम तेंदुए को सुरक्षित काबू करने में सफल रही। इसके बाद उसे घर से निकालकर साथ लगते जंगल में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। तेंदुए के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

रेस्क्यू अभियान में प्रशिक्षित निशानेबाज मोहित, पशु चिकित्सक डॉ. अक्षय और डॉ. संजय तथा वनकर्मी सतपाल, रविंद्र, मुकेश और ट्विंकल भी शामिल रहे। वन विभाग के अनुसार तेंदुए को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने के बाद उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। इस घटना में सबसे अहम बात यह रही कि परिवार ने तेंदुए को खुद बाहर निकालने का प्रयास नहीं किया और समय रहते वन विभाग को सूचना दी। करीब डेढ़ दिन तक चले इस घटनाक्रम का अंत तेंदुए के सुरक्षित रेस्क्यू और जंगल में छोड़े जाने के साथ हुआ।
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