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Solan News: आपदा का पूर्वाभ्यास, टूटे हुए लेंटर के नीचे लेटा दिए व्यक्ति
Fri, 14 Jun 2024 11:24 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 14 Jun 2024 11:24 PM IST
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बचाव कार्य में भी हुई देरी, एंबुलेंस भी समय पर नहीं पहुंची
जिलेभर में प्रशासन ने आपदा से निपटने का किया पूर्वाभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिलेभर में आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने पूर्वाभ्यास किया। सभी उपमंडलों में पांच स्थानों पर बाढ़, भूस्खलन व अमोनिया गैस रिसाव जैसी आपदा के दौरान प्रभावित लोगों को बचाने एवं राहत कार्यों का पूर्वाभ्यास किया गया। पूर्वाभ्यास के दौरान कुछ खामियां भी दिखाईं दीं। शामती में खतरे वाले स्थान पर ही मानव क्लोन की बजाए लोगों को टूटे हुए भवन के लेंटर के नीचे लेटा दिया। इस स्थान पर भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ था। यहां पर बरसात के दौरान भूस्खलन हुआ था। मॉकड्रिल में व्यक्ति को बचाव के लिए आसपास ड्रिल भी चलाई जा रही थी। इसके अलावा मॉकड्रिल के दौरान एंबुलेंस भी काफी देर बाद मौके पर पहुंची। सूचना मिलने के काफी देर बाद राहत बचाव कार्य शुरू हुआ। जिले के प्रत्येक उपमंडल में राहत बचाव कार्य किया गया।
जिले में उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा गया। मॉकड्रिल सुबह 9:10 बजे भारी वर्षा के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अर्की में धरातल तल पर बाढ़ का पानी घुसने का परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही उपमंडलाधिकारी के नेतृत्व में बचाव दल के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया।
कसौली उपमंडल में सुबह 10:11 बजे कुमारहट्टी-नाहन सड़क पर बैकुंठ होम स्टे के समीप डगशाई पहाड़ी से भूस्खलन होने की स्थिति निर्मित की गई। कंडाघाट उपमंडल में सुबह 09:23 बजे भारी वर्षा के कारण अश्वनी खड्ड में बाढ़ आने से साधुपुल में लोगों के फंसे होने की परिस्थिति दर्शाई गई। नालागढ़ उपमंडल में सुबह 10.23 बजे बद्दी स्थित वर्धमान ऑरो टेक्सटाइल लिमिटेड में अमोनिया गैस रिसाव की घटना निर्मित की गई।
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वहीं जिला मुख्यालय में सुबह 9:50 बजे शामती में भूस्खलन की घटना में बड़े स्तर पर लोगों के फंसे होने की स्थिति निर्मित की गई। इसके लिए स्टेजिंग एरिया ठोडो मैदान से बचाव दल एवं आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सहित बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास किया गया।
उधर, उपायुक्त ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यों को अंजाम दिया गया। इस दौरान उपायुक्त जिम्मेदार अधिकारी, अतिरिक्त उपायुक्त इंसिडेंट कमांडर के रूप में तैनात रहे। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सेफ्टी ऑफिसर, सहायक आयुक्त लाइजन अधिकारी मौजूद रहे।
इनसेठ
सोलन। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डगशाई में मॉकड्रिल हुई। प्रभारी और डीपी विकास सकलानी ने सभी विद्यार्थियों को मैदान में एकत्र किया और उन्हें भूकंप के समय अपने-अपने कक्षा से सुरक्षित स्थान पर आने के बारे में बताया। प्रधानाचार्य कमल किशोर शर्मा की ओर से विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने तथा जान-माल की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहने के निर्देश दिए।
इनसेट
दाड़लाघाट (सोलन)। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन में मॉकड्रिल करवाई गई। प्रधानाचार्य सरताज सिंह की अध्यक्षता में आपदा के बारे में बताया गया। हनुमान बड़ोग स्कूल में विद्यार्थी बचाव के लिए खुले मैदान में आना के बारे में बताया गया। बुघार में भी आपदा से बचाव के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। प्रधानाचार्य रेखा राठौर की अध्यक्षता में आपदा से बचाव के बारे में गुर बताए।
इनसेट
आपदा बचाव प्रबंधन को लेकर मॉक ड्रिल
नालागढ (सोलन)। आर्यन पब्लिक स्कूल झिड़ीवाला में आपदा से निपटने के बारे में बताया गया। 8वीं राज्य स्तरीय विशाल आपदा बचाव कार्यक्रम के तहत आयोजन किया गया। भूकंप के दौरान बहुमंजिला भवन से कैसे बाहर निकलना, कैसे कोने में सुरक्षित बैठना, सिर को बचाना तथा अन्य लोगो का कैसे बचाव किया जाना है।
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जिलेभर में प्रशासन ने आपदा से निपटने का किया पूर्वाभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिलेभर में आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने पूर्वाभ्यास किया। सभी उपमंडलों में पांच स्थानों पर बाढ़, भूस्खलन व अमोनिया गैस रिसाव जैसी आपदा के दौरान प्रभावित लोगों को बचाने एवं राहत कार्यों का पूर्वाभ्यास किया गया। पूर्वाभ्यास के दौरान कुछ खामियां भी दिखाईं दीं। शामती में खतरे वाले स्थान पर ही मानव क्लोन की बजाए लोगों को टूटे हुए भवन के लेंटर के नीचे लेटा दिया। इस स्थान पर भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ था। यहां पर बरसात के दौरान भूस्खलन हुआ था। मॉकड्रिल में व्यक्ति को बचाव के लिए आसपास ड्रिल भी चलाई जा रही थी। इसके अलावा मॉकड्रिल के दौरान एंबुलेंस भी काफी देर बाद मौके पर पहुंची। सूचना मिलने के काफी देर बाद राहत बचाव कार्य शुरू हुआ। जिले के प्रत्येक उपमंडल में राहत बचाव कार्य किया गया।
जिले में उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा गया। मॉकड्रिल सुबह 9:10 बजे भारी वर्षा के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अर्की में धरातल तल पर बाढ़ का पानी घुसने का परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही उपमंडलाधिकारी के नेतृत्व में बचाव दल के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया।
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कसौली उपमंडल में सुबह 10:11 बजे कुमारहट्टी-नाहन सड़क पर बैकुंठ होम स्टे के समीप डगशाई पहाड़ी से भूस्खलन होने की स्थिति निर्मित की गई। कंडाघाट उपमंडल में सुबह 09:23 बजे भारी वर्षा के कारण अश्वनी खड्ड में बाढ़ आने से साधुपुल में लोगों के फंसे होने की परिस्थिति दर्शाई गई। नालागढ़ उपमंडल में सुबह 10.23 बजे बद्दी स्थित वर्धमान ऑरो टेक्सटाइल लिमिटेड में अमोनिया गैस रिसाव की घटना निर्मित की गई।
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वहीं जिला मुख्यालय में सुबह 9:50 बजे शामती में भूस्खलन की घटना में बड़े स्तर पर लोगों के फंसे होने की स्थिति निर्मित की गई। इसके लिए स्टेजिंग एरिया ठोडो मैदान से बचाव दल एवं आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सहित बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास किया गया।
उधर, उपायुक्त ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यों को अंजाम दिया गया। इस दौरान उपायुक्त जिम्मेदार अधिकारी, अतिरिक्त उपायुक्त इंसिडेंट कमांडर के रूप में तैनात रहे। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सेफ्टी ऑफिसर, सहायक आयुक्त लाइजन अधिकारी मौजूद रहे।
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सोलन। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डगशाई में मॉकड्रिल हुई। प्रभारी और डीपी विकास सकलानी ने सभी विद्यार्थियों को मैदान में एकत्र किया और उन्हें भूकंप के समय अपने-अपने कक्षा से सुरक्षित स्थान पर आने के बारे में बताया। प्रधानाचार्य कमल किशोर शर्मा की ओर से विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने तथा जान-माल की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहने के निर्देश दिए।
इनसेट
दाड़लाघाट (सोलन)। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन में मॉकड्रिल करवाई गई। प्रधानाचार्य सरताज सिंह की अध्यक्षता में आपदा के बारे में बताया गया। हनुमान बड़ोग स्कूल में विद्यार्थी बचाव के लिए खुले मैदान में आना के बारे में बताया गया। बुघार में भी आपदा से बचाव के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। प्रधानाचार्य रेखा राठौर की अध्यक्षता में आपदा से बचाव के बारे में गुर बताए।
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आपदा बचाव प्रबंधन को लेकर मॉक ड्रिल
नालागढ (सोलन)। आर्यन पब्लिक स्कूल झिड़ीवाला में आपदा से निपटने के बारे में बताया गया। 8वीं राज्य स्तरीय विशाल आपदा बचाव कार्यक्रम के तहत आयोजन किया गया। भूकंप के दौरान बहुमंजिला भवन से कैसे बाहर निकलना, कैसे कोने में सुरक्षित बैठना, सिर को बचाना तथा अन्य लोगो का कैसे बचाव किया जाना है।