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Solan News: मनरेगा बजट में कटौती को लेकर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
Fri, 23 Aug 2024 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 23 Aug 2024 11:23 PM IST
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मुख्यमंत्री से उठाई घोषणा पत्र में दी गारंटियों को पूरा करने की मांग
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने उपायुक्त के माध्यम से भेजे ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मनरेगा के बजट में केंद्र सरकार द्वारा की गई कटौती को बहाल करने और श्रम कानूनी में संशोधन कर बनाई गई चार श्रम संहिता को वापस लेने को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति को और चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा किए गए चुनावी वादों को पूरा करने के लिए भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
भाकपा के जिला सचिव कामरेड़ अनूप पराशर की अगुवाई में राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार यूपीए-1 की सरकार में वर्ष 2005 में मनरेगा कानून पारित किया गया था। जिसका मुख्य उद्देश्य गरीबों और जरूरतमंदों को रोजगार की वैधानिक गारंटी का लाभ प्राप्त होना था। लेकिन खेद का विषय है कि केंद्र सरकार ने लगातार मनरेगा के बजट में कटौती की है। उन्होंने मांग उठाई कि मनरेगा के बजट में की गई कटौती को बहाल करके इसे बढ़ाया जाए, मनरेगा में 200 दिन का रोजगार दिया जाए व कम से कम दिहाड़ी 600 रुपये की जाए और इस कानून में कृषि को भी शामिल किया जाए। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में संशोधन कर बनाई गई चार श्रम संहिता को वापस लिया जाए। किसानों को उनकी फसलों का समर्थन मूल्य दिया जाए और स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू कर किसानों को कानूनी हक दिया जाए। अग्निवीर जैसी योजना को बंद करके सैनिकों की भर्ती पूर्व की भांति की जाए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र में की गई घोषणा 300 यूनिट बिजली की छूट दी जाए। सभी विभागों में रिक्त पडे पदों को तुरंत प्रभाव से भरा जाए, ठेकेदारी प्रथा को बंद किया जाए, सीमांत किसानों को कम से कम पांच बीघा जमीन दी जाए, जमीन तबादला नीति में सुधार कर इसे तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए, फॉरेस्ट राइट एक्ट सख्ती से लागू करें, सभी निजी उद्योगों में 70 प्रतिशत रोजगार हिमाचलियों को मिले, प्रदेश में कार्यरत सभी स्कीम वर्कर्स को पक्का किया जाए। प्रदेश में कार्यरत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सभी लंबित वित्तीय लाभ शीघ्र दिए जाएं। उन्होंने सभी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
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इस अवसर पर कामरेड नीतिन, मनमोहन सिंह, नानक शांडिल, हेमराज, जसविंदर सिंह, रोशन लाल डोगरा, पलक राम, शशि पंडित आदि मौजूद रहे।
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने उपायुक्त के माध्यम से भेजे ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मनरेगा के बजट में केंद्र सरकार द्वारा की गई कटौती को बहाल करने और श्रम कानूनी में संशोधन कर बनाई गई चार श्रम संहिता को वापस लेने को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति को और चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा किए गए चुनावी वादों को पूरा करने के लिए भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
भाकपा के जिला सचिव कामरेड़ अनूप पराशर की अगुवाई में राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार यूपीए-1 की सरकार में वर्ष 2005 में मनरेगा कानून पारित किया गया था। जिसका मुख्य उद्देश्य गरीबों और जरूरतमंदों को रोजगार की वैधानिक गारंटी का लाभ प्राप्त होना था। लेकिन खेद का विषय है कि केंद्र सरकार ने लगातार मनरेगा के बजट में कटौती की है। उन्होंने मांग उठाई कि मनरेगा के बजट में की गई कटौती को बहाल करके इसे बढ़ाया जाए, मनरेगा में 200 दिन का रोजगार दिया जाए व कम से कम दिहाड़ी 600 रुपये की जाए और इस कानून में कृषि को भी शामिल किया जाए। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में संशोधन कर बनाई गई चार श्रम संहिता को वापस लिया जाए। किसानों को उनकी फसलों का समर्थन मूल्य दिया जाए और स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू कर किसानों को कानूनी हक दिया जाए। अग्निवीर जैसी योजना को बंद करके सैनिकों की भर्ती पूर्व की भांति की जाए।
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इसके अलावा मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र में की गई घोषणा 300 यूनिट बिजली की छूट दी जाए। सभी विभागों में रिक्त पडे पदों को तुरंत प्रभाव से भरा जाए, ठेकेदारी प्रथा को बंद किया जाए, सीमांत किसानों को कम से कम पांच बीघा जमीन दी जाए, जमीन तबादला नीति में सुधार कर इसे तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए, फॉरेस्ट राइट एक्ट सख्ती से लागू करें, सभी निजी उद्योगों में 70 प्रतिशत रोजगार हिमाचलियों को मिले, प्रदेश में कार्यरत सभी स्कीम वर्कर्स को पक्का किया जाए। प्रदेश में कार्यरत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सभी लंबित वित्तीय लाभ शीघ्र दिए जाएं। उन्होंने सभी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
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इस अवसर पर कामरेड नीतिन, मनमोहन सिंह, नानक शांडिल, हेमराज, जसविंदर सिंह, रोशन लाल डोगरा, पलक राम, शशि पंडित आदि मौजूद रहे।