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Solan News: जिले में 11 अगस्त तक वर्षा के आसार, 10 व 11 को हो सकती है भारी बारिश
Fri, 07 Aug 2026 11:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:08 PM IST
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नौणी विवि के कृषि विज्ञान केंद्र ने जारी की किसानों के लिए एडवाइजरी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में अगले पांच दिनों के दौरान मौसम परिवर्तनशील रहने और अधिकांश क्षेत्रों में 7 से 11 अगस्त 2026 तक हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 और 11 अगस्त को जिले में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश और उच्च आर्द्रता से खेतों में जलभराव, मृदा कटाव तथा जड़ सड़न, झुलसा रोग व पत्ती धब्बा जैसे फफूंद व जीवाणुजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। किसानों को खेतों में उचित जल निकासी की नालियां बनाने और खरपतवारों की नियमित सफाई करने की सलाह दी गई है। इसमें मक्का के खेत में पानी जमा न होने दें, जलभराव से बैक्टीरियल स्टॉक रॉट (तना सड़न) रोग का खतरा बढ़ता है। बादल छाए रहने व नमी के दौरान सेब में रसायनों का छिड़काव न करें। बारिश के दौरान फल तुड़ाई स्थगित रखें और तुड़ाई के बाद सेब को छायादार व हवादार स्थान पर रखें। टमाटर, शिमला मिर्च व भिंडी परिपक्व फसलों की समय पर तुड़ाई करें। टमाटर में बकआई रॉट, झुलसा रोग तथा फल छेदक कीट की नियमित निगरानी करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में अगले पांच दिनों के दौरान मौसम परिवर्तनशील रहने और अधिकांश क्षेत्रों में 7 से 11 अगस्त 2026 तक हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 और 11 अगस्त को जिले में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश और उच्च आर्द्रता से खेतों में जलभराव, मृदा कटाव तथा जड़ सड़न, झुलसा रोग व पत्ती धब्बा जैसे फफूंद व जीवाणुजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। किसानों को खेतों में उचित जल निकासी की नालियां बनाने और खरपतवारों की नियमित सफाई करने की सलाह दी गई है। इसमें मक्का के खेत में पानी जमा न होने दें, जलभराव से बैक्टीरियल स्टॉक रॉट (तना सड़न) रोग का खतरा बढ़ता है। बादल छाए रहने व नमी के दौरान सेब में रसायनों का छिड़काव न करें। बारिश के दौरान फल तुड़ाई स्थगित रखें और तुड़ाई के बाद सेब को छायादार व हवादार स्थान पर रखें। टमाटर, शिमला मिर्च व भिंडी परिपक्व फसलों की समय पर तुड़ाई करें। टमाटर में बकआई रॉट, झुलसा रोग तथा फल छेदक कीट की नियमित निगरानी करें।
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