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प्रचार के लिए धार्मिक स्थलों के इस्तेमाल पर रोक
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सोलन। जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त कृतिका कुलहरी ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से आदर्श आचार संहिता का पालन करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर या अन्य किसी पूजा स्थल का उपयोग नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के लिए लाउड स्पीकर का प्रयोग सुबह 6.00 से रात्रि 10.00 बजे तक किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति अनिवार्य है। कृतिका कुलहरी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के अनुरूप सभी राजनीति दलों और उम्मीदवारों को रिश्वत देना, उन्हें उकसाना, मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में प्रचार करने से दूरी बनाकर रखनी होगी।
भू स्वामी की अनुमति के बिना नहीं लगेगी प्रचार सामग्री उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल अथवा उम्मीदवार किसी की निजी भूमि, भवन या परिसर में भूस्वामी की अनुमति के बिना निर्वाचन से संबंधित झंडे, बैनर और नोटिस नहीं लगा सकता है। कृतिका कुलहरी ने कहा कि सभी को कोविड-19 से बचाव के लिए समय-समय पर जारी नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
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घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने के लिए उम्मीदवार सहित केवल 05 व्यक्तियों के समूह को ही अनुमति प्रदान की जाएगी। कोविड-19 से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर नाक से लेकर ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिग नियम का पालन करना और सेनिटाइजर का प्रयोग अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से संबंधित निर्देशों का उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 51 से 60, भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेशों के अनुरूप कार्रवाई की जा सकती है। कृतिका कुलहरी ने कहा कि 30 अक्तूबर को अर्की में उपचुनाव होंगे।
इसके लिए आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान कोई भी उम्मीदवार या दल विभिन्न जातियों, धार्मिक या भाषायी समुदायों के मध्य तनाव उत्पन्न नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के अनुसार अन्य राजनीतिक दलों की आलोचना केवल नीतियों, कार्यक्रमों, पूर्व रिकॉर्ड और कार्यों तक सीमित होनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति अनिवार्य है। कृतिका कुलहरी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के अनुरूप सभी राजनीति दलों और उम्मीदवारों को रिश्वत देना, उन्हें उकसाना, मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में प्रचार करने से दूरी बनाकर रखनी होगी।
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भू स्वामी की अनुमति के बिना नहीं लगेगी प्रचार सामग्री उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल अथवा उम्मीदवार किसी की निजी भूमि, भवन या परिसर में भूस्वामी की अनुमति के बिना निर्वाचन से संबंधित झंडे, बैनर और नोटिस नहीं लगा सकता है। कृतिका कुलहरी ने कहा कि सभी को कोविड-19 से बचाव के लिए समय-समय पर जारी नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
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घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने के लिए उम्मीदवार सहित केवल 05 व्यक्तियों के समूह को ही अनुमति प्रदान की जाएगी। कोविड-19 से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर नाक से लेकर ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिग नियम का पालन करना और सेनिटाइजर का प्रयोग अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से संबंधित निर्देशों का उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 51 से 60, भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेशों के अनुरूप कार्रवाई की जा सकती है। कृतिका कुलहरी ने कहा कि 30 अक्तूबर को अर्की में उपचुनाव होंगे।
इसके लिए आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान कोई भी उम्मीदवार या दल विभिन्न जातियों, धार्मिक या भाषायी समुदायों के मध्य तनाव उत्पन्न नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के अनुसार अन्य राजनीतिक दलों की आलोचना केवल नीतियों, कार्यक्रमों, पूर्व रिकॉर्ड और कार्यों तक सीमित होनी चाहिए।