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Solan News: जिले के निजी स्कूल बिना पीटीए की सहमति से नहीं बढ़ा सकते फीस

Sun, 25 Feb 2024 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Sun, 25 Feb 2024 11:30 PM IST
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Private schools in the district without PTA

Fees cannot be increased with the consent of
​शिक्षा अ​भियान से संबं​धित छपी खबरें। संवाद
स्कूलों में किताबें सहित अन्य स्टेशनरी बेचने पर होगी कार्रवाई
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शिक्षा विभाग की टीम करेगी जिले के निजी स्कूलों का निरीक्षण

स्कूलाें में सुविधाओं समेत अन्य व्यवस्थाओं की तैयार होगी रिपोर्ट

संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। जिले के निजी स्कूल पीटीए की सहमति से ही फीस बढ़ा सकेंगे। यदि स्कूल ने अपनी मर्जी से फीस बढ़ाई है और अभिभावक इसकी शिकायत विभाग को देते हैं तो संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा निजी स्कूलों में किताबें बेचने और अभिभावकों पर विशेष दुकान से स्टेशनरी खरीद करने का दवाब डालने को लेकर शिक्षा विभाग अलर्ट हो गया है। जिसके तहत स्कूलों के निरीक्षण को लेकर एक टीम गठित कर दी है जो स्कूलों को निरीक्षण करेगी। अमर उजाला की ओर से अभिभावकों के इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। जिसके बाद अब शिक्षा विभाग इसकी जांच करेगा।

जिला सोलन में आठवीं कक्षा तक के करीब 245 निजी स्कूल हैं। संबंधित स्कूल प्रबंधनों की मनमानी को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है। जिले के समर और शीतकालीन सभी निजी-सरकारी स्कूल खुल गए हैं। स्कूलों में इन दिनों प्रवेश प्रक्रिया भी चल रही है। कई निजी स्कूलों की ओर से स्कूल से ही किताबों की बिक्री की जा रही है। जबकि कुछ स्कूलों ने अपनी किताबों को बेचने के लिए दुकानें तय की है। इन सब को लेकर अब शिक्षा विभाग की टीम भी जांच करेगी। इसके अलावा स्कूलों का औचक निरीक्षण कर स्कूलों में दी जा रही सुविधाएं की रिपोर्ट भी तैयार करेगी। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में प्रबंधन को पीटीए गठित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।हालांकि अधिकतर स्कूलों में पहले से ही पीटीए का गठन किया गया है। लेकिन कुछ ऐसे भी स्कूल हैं, जहां पर कोविड के बीच पीटीए गठित नहीं हो सकी। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूल प्रबंधनों को स्कूल में किताबें सहित अन्य सामान न बेचने के भी निर्देश दिए हैं। यदि इसमें कोई स्कूल अभिभावक पर किताबें, स्टेशनरी समेत अन्य वस्तुओं को स्कूल से ही खरीदने पर दबाव डालता पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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इनसेट

शुल्क के मद सहि वर्दी, किताबों की होगी जांच

निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वह अपनी मर्जी से अभिभावकों को किताबें सहित वर्दी खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। इसमें अभिभावक किसी भी दुकान से वर्दी या फिर किताबें खरीद सकते हैं। स्कूलों की जांच की जाएगी। इस दौरान स्कूल के शुल्क के सभी मदों को भी देखा जाएगा। अभिभावकों की शिकायत मिलने पर कार्रवाई भी होगी।
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डॉ. जगदीश नेगी, शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा सोलन

शिक्षा अभियान से संबंधित छपी खबरें। संवाद

शिक्षा अभियान से संबंधित छपी खबरें। संवाद

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