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सोलन में अश्वनी के गंदे पानी की सप्लाई पर रोक
ब्यूरो, अमर उजाला/ (सोलन)।
Updated Sat, 23 Jan 2016 07:43 PM IST
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राजधानी के बाद अब अश्वनी खड्ड के गंदे पानी की सप्लाई पर सोलन में भी रोक लगा दी गई है। उपायुक्त सोलन मदन चौहान ने शनिवार को पीलिया रोग से बचाव के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देशानुसार यह फैसला लिया है।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि गिरि नदी से भी पानी की आपूर्ति समुचित उपचार एवं क्लोरिनेशन के उपरांत ही सुनिश्चित बनाई जा रही है। बैठक के दौरान अश्वनी खड्ड के जल ग्रहण क्षेत्र में निगरानी रखने के लिए एक समिति गठित की गई है। समिति ने शनिवार से ही कार्य आरंभ कर दिया है। समिति समूचे जल ग्रहण क्षेत्र में यह निरीक्षण करेगी कि कहीं अश्वनी खड्ड में गंदगी तो नहीं डाली जा रही है। यह समिति दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेगी।
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चार विभागों के प्रतिनिधियों की ड्यूटी
वाटर कैचमेंट एरिया में निरीक्षण के लिए गठित समिति में खंड विकास अधिकारी कंडाघाट, नायब तहसीलदार कंडाघाट, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता तथा स्वास्थ्य विभाग के फार्मासिस्ट को शामिल किया गया है। समिति विशेष रूप से बाह्य शौच के कारण जल प्रदूषण के संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी।
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स्वास्थ्य सुरक्षा दायित्व भी याद आया
इस दौरान बताया गया कि जिले के सभी नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा जिला प्रशासन का सर्वोच्च दायित्व है और इस दिशा में हर संभव प्रयास सुनिश्चित बनाए जा रहे हैं। पीलिया एक जलजनित रोग है और इससे बचने के लिए नागरिकों को भी एहतियाती उपाय अपनाने होंगे। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे पानी पीने से पूर्व उसे 20 मिनट तक उबालें।
आईपीएच-स्वास्थ्य विभाग आमने सामने
बैठक में विभागों के बीच आपसी मतभेद भी उछले। सैंपल उठाने की व्यवस्था पर आईपीएच के एक अधिकारी ने सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य विभाग को अकेले सैंपल न लेने की बात कही। उसने कहा कि जहां भी स्वास्थ्य विभाग का कर्मी सैंपल ले, वहां आईपीएच का कर्मी भी साथ जाए। वहीं सीएमओ ने इस पर हामी भरी। जब टेस्टिंग की बात आई तो आईपीएच ने अपनी लैब में टेस्ट करवाने की बात कही। इस पर सीएमओ ने कहा कि अगर आईपीएच की लैब में टेस्टिंग हुई तो इस पर लोग सवाल उठा सकते हैं। जिस पर कंडाघाट लैब में सैंपल लेने पर सहमति बनी।