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Solan News: बद्दी में नालों में रात के अंधेरे में सीवरेज की गदंगी फेंक रहे हैं लोग
Thu, 27 Aug 2026 12:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 27 Aug 2026 12:14 AM IST
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बद्दी के बिलावाली शमशान घाट के समीप नाले में सीवरेज का टैंकर करते हुए- संवाद।
आवासीय कॉलोनी के साथ लगते मकानों में नहीं पड़ी है सीवरेज लाइन
गंदगी सरसा खड्ड में मिल रही, महामारी फैलने का खतरा बढ़ा
आदित्य चड्ढा
बरोटीवाला(सोलन)। बद्दी क्षेत्र में खुलेआम सीवरेज नालों में बहाया जा रहा है। यह गंदगी बारिश के पानी के साथ सरसा खड्ड तक पहुंच रही है। इससे कई सिंचाई और पेयजल योजनाओं के जल स्रोतों के प्रदूषित होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने खुले में सीवरेज डालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन इसके बावजूद यह उल्लंघन जारी है। बद्दी और नालागढ़ में सीवरेज लाइनें बिछाई गई हैं। यहां से सीवरेज मलपुर के केंदूवाल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में जाता है। करोड़ों रुपये की लागत से यह प्लांट लगा है, जहां सीवरेज को उपचारित कर साफ पानी सरसा खड्ड में छोड़ा जाता है। हालांकि, बद्दी से सटे गांवों में लोगों ने किराये के लिए बड़ी-बड़ी इमारतें बना ली हैं। इन इमारतों में सौ-सौ कमरे हैं, लेकिन इन्हें सीवरेज लाइन से नहीं जोड़ा गया है। इन गांवों के लिए कोई सीवरेज योजना भी नहीं बनी है। इसके चलते गंदगी बद्दी-बरोटीवाला के नालों में छोड़ी जा रही है। बीते दिनों बद्दी के बिलांवाली गांव के श्मशान घाट के पास एक बिना नंबर का ट्रैक्टर नाले में सीवरेज फेंकते हुए देखा गया। इस घटना से पूरे गांव में दुर्गंध फैल गई और नाले का पानी आगे सरसा खड्ड में मिल गया।
इनसेट
खुलेआम फेंक रहे सीवर
भटोली कलां निवासी विक्रम ठाकुर ने बताया कि सरकार से खेती के लिए लिए गए ट्रैक्टरों का उपयोग अब सीवरेज ढोने में किया जा रहा है। बिना नंबर के ये ट्रैक्टर खुलेआम नालों में सीवरेज फेंक रहे हैं। नंबर न होने के कारण इनके चालान भी नहीं हो पाते हैं। लेही निवासी नरेंद्र सिंह ने कहा कि किराये के मकानों में सीवरेज की कोई व्यवस्था नहीं है। सेफ्टी टैंक भरने पर टैंकरों से निकालकर इसे नालों में डाला जा रहा है, जिससे पर्यावरण को खतरा है।
इनसेट
रात के अंधेरे में डाली जा रही गंदगी
चक्का निवासी कृष्ण कुमार गुर्जर ने बताया कि गांव से एक बाईपास सड़क निकाली गई है। इस सड़क के किनारे बहने वाले नाले में रात के अंधेरे में सीवरेज से भरे टैंकर गिराए जाते हैं। इससे गांव में गंदगी फैलने के साथ-साथ जल प्रदूषण भी बढ़ रहा है। यह स्थिति स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है।
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जल्द होगी कार्रवाई
सीवरेज लाइन सक्रिय होने के बाद शहर से सटे क्षेत्रों को भी इससे जोड़ा जाएगा। अभी सीवरेज को केंदूवाल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में छोड़ने के आदेश हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई इन आदेशों का उल्लंघन करता है और खुले में सीवरेज डालता है, तो उसका चालान किया जाएगा। - राहुल अबरोल, अधिशासी अभियंता, जलशक्ति विभाग
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गंदगी सरसा खड्ड में मिल रही, महामारी फैलने का खतरा बढ़ा
आदित्य चड्ढा
बरोटीवाला(सोलन)। बद्दी क्षेत्र में खुलेआम सीवरेज नालों में बहाया जा रहा है। यह गंदगी बारिश के पानी के साथ सरसा खड्ड तक पहुंच रही है। इससे कई सिंचाई और पेयजल योजनाओं के जल स्रोतों के प्रदूषित होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने खुले में सीवरेज डालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन इसके बावजूद यह उल्लंघन जारी है। बद्दी और नालागढ़ में सीवरेज लाइनें बिछाई गई हैं। यहां से सीवरेज मलपुर के केंदूवाल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में जाता है। करोड़ों रुपये की लागत से यह प्लांट लगा है, जहां सीवरेज को उपचारित कर साफ पानी सरसा खड्ड में छोड़ा जाता है। हालांकि, बद्दी से सटे गांवों में लोगों ने किराये के लिए बड़ी-बड़ी इमारतें बना ली हैं। इन इमारतों में सौ-सौ कमरे हैं, लेकिन इन्हें सीवरेज लाइन से नहीं जोड़ा गया है। इन गांवों के लिए कोई सीवरेज योजना भी नहीं बनी है। इसके चलते गंदगी बद्दी-बरोटीवाला के नालों में छोड़ी जा रही है। बीते दिनों बद्दी के बिलांवाली गांव के श्मशान घाट के पास एक बिना नंबर का ट्रैक्टर नाले में सीवरेज फेंकते हुए देखा गया। इस घटना से पूरे गांव में दुर्गंध फैल गई और नाले का पानी आगे सरसा खड्ड में मिल गया।
इनसेट
खुलेआम फेंक रहे सीवर
भटोली कलां निवासी विक्रम ठाकुर ने बताया कि सरकार से खेती के लिए लिए गए ट्रैक्टरों का उपयोग अब सीवरेज ढोने में किया जा रहा है। बिना नंबर के ये ट्रैक्टर खुलेआम नालों में सीवरेज फेंक रहे हैं। नंबर न होने के कारण इनके चालान भी नहीं हो पाते हैं। लेही निवासी नरेंद्र सिंह ने कहा कि किराये के मकानों में सीवरेज की कोई व्यवस्था नहीं है। सेफ्टी टैंक भरने पर टैंकरों से निकालकर इसे नालों में डाला जा रहा है, जिससे पर्यावरण को खतरा है।
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रात के अंधेरे में डाली जा रही गंदगी
चक्का निवासी कृष्ण कुमार गुर्जर ने बताया कि गांव से एक बाईपास सड़क निकाली गई है। इस सड़क के किनारे बहने वाले नाले में रात के अंधेरे में सीवरेज से भरे टैंकर गिराए जाते हैं। इससे गांव में गंदगी फैलने के साथ-साथ जल प्रदूषण भी बढ़ रहा है। यह स्थिति स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है।
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जल्द होगी कार्रवाई
सीवरेज लाइन सक्रिय होने के बाद शहर से सटे क्षेत्रों को भी इससे जोड़ा जाएगा। अभी सीवरेज को केंदूवाल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में छोड़ने के आदेश हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई इन आदेशों का उल्लंघन करता है और खुले में सीवरेज डालता है, तो उसका चालान किया जाएगा। - राहुल अबरोल, अधिशासी अभियंता, जलशक्ति विभाग