फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   People rendered homeless by the disaster are waiting to get land.

Solan News: आपदा से बेघर हुए लोग कर रहे जमीन मिलने का इंतजार

Sat, 01 Jun 2024 10:27 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jun 2024 10:27 PM IST
विज्ञापन
आचार संहिता खत्म होते ही जमीन मिली तो बनेगा आशियाना्र
विज्ञापन

जमीन न मिलने से जंगल में रहने को मजबूर हैं कई परिवार
दून के दर्जनों परिवार अभी भी नहीं लौटे मुख्य धारा में
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद आपदा प्रभावितों को जमीन मिलने की उम्मीद है। यह लोग अब कयास लगाए बैठे हैं कि आचार संहिता खत्म होते ही उन्हें आशियाना बनाने के लिए जमीन मिल सकेगी। बीते वर्ष अगस्त हुई बरसात में बीबीएन क्षेत्र के बेघर हुए लोगों को अभी जमीन नहीं मिली है, जिससे कई लोग जंगलों में रह रहे हैं। दून की आधा दर्जन पंचायतों में दर्जनों परिवार आपदा से जमीन नष्ट होने के बाद अपना दोबारा आशियाना नहीं बना पाए हैं।
दून की केंडोल पंचायत के धनयोण, केंडोल, रूग, भोगपुर गांव में सबसे अधिक भूमि कटाव हुआ है। यहां पर एक दर्जन के करीब लोग ऐसे हैं जिनके पास केवल मकान थे और यह मकान मलबा में समा गए। ऐसे में यह लोग आज भी जंगल में ही झोंपड़ी बना कर रह रहे हैं। इन लोगों को सरकार की ओर से मुआवजा राशि मिल चुकी है लेकिन इसके पास जमीन नहीं है। जमीन न होने से यह लोग अपना घर नहीं बना पा रहे हैं।
विज्ञापन

कैंडोल के प्रधान अनिल शर्मा ने बताया कि उनकी पंचायत के हरिसिंह, पप्पी राम, जीतराम, लेख राम, गुरनाम सिंह, सुरेंद्र कुमार, लीला देवी, हरी चंद, श्यामलाल, बनवारी लाल, वीर सिंह, मोहनलाल आदि परिवार बेघर हो गए हैं जिनके घर और जमीन पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। सरकार ने इन लोगों को मकान बनाने के लिए कहीं सुरक्षित जगह उपलब्ध नहीं करवाई है। इस कारण लोग किराए के झुग्गियों में रहने के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

केंडोल पंचायत के अलावा पट्टा नाली, पट्टा बाडियां, साई, बुआसनी में भी दर्जनों परिवार अभी भी जंगल में हैं। पट्टा नाली के प्रधान हेमचंद ने बताया कि एक वर्ष बीतने को है और फिर बरसात आने में लगभग एक से डेढ़ महीना बचा है जिस कारण लोग सहमे हुए हैं। लोगों ने सरकार से मांग की है कि आचार संहिता खत्म होते ही उन्हें घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध करवाई जाए।

उधर, नालागढ़ के एसडीएम दिव्यांशु सिंगल ने बताया कि यह मामला सरकार के स्तर पर चला हुआ है। जिन लोगों के पास जमीन नहीं बची है। उनके आवेदन मिले हैं। आचार संहिता के खत्म होते ही भूमिहीनों के मकान बनाने के लिए जमीन दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed