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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Parents may penalise if minor find guilty of driving a vihicle

नाबालिग को वाहन दिया तो अभिभावकों पर होगी कार्रवाई

Mon, 02 May 2022 11:30 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2022 11:30 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोलन। नाबालिग को वाहन देने पर अभिभावकों पर भी कार्रवाई होगी। देश में प्रतिदिन दोपहिया वाहनों के हादसों में 16 बच्चों की मौत हो रही है। पूरे देश में सड़क हादसों से 1.5 लाख लोग जान गवां रहे हैं।
इसके अलावा युवाओं में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति में अभिभावकों के लए चिंता का सबब बनी हुई है। इस पर अंकुश लगाने के लिए बच्चों और आम लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी है। इसके चलते अमर उजाला ने छात्र स्कूल सोलन में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम आयोजित किया।
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इसमें नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को यातायात नियम, नशाखोरी से बचने सहित अन्य कानूनों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों का मुख्य कारण नशा और गाड़ी चलाते समय मोबाइल का प्रयोग है।
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कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे शहर के ट्रैफिक इंचार्ज राकेश कुमार गुलेरिया और सदर थाना प्रभारी गोपाल सिंह ने छात्रों से कहा कि पुलिस से किसी भी तरह की हिचक और परहेज न रखकर अपराध रोकने में सहयोग दें।
नशे जैसी बुराइयों को रोकने में आम जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। इस मौके पर प्रधानाचार्य दिशा शर्मा ने दोनों अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर प्रवक्ता मनोज शर्मा, मोहन चौहान, कमलेश चंदेल, कल्पना परमार, पुलिस जवान कुलदीप, अमित सहित अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।
पुलिस की पाठशाला में बच्चों ने उठाए अपने सवाल
कैसे शुरू होती है पुलिस जांच
- छात्र तनिश शर्मा के सवाल पर थाना प्रभारी ने जवाब दिया कि किसी भी मामले में सबसे पहले एफआईआर होती है। उसके बाद जांच शुरू होती है। जांच में दोषी को 24 घंटे के अंदर कोर्ट में पेश किया जाता है।
जेल में डालने के बाद क्यों छूट जाता है आरोपी
- दिव्यांशु ने सवाल किया कि किसी भी जुर्म में आरोपियों को जेल में डालने के बाद क्यों छोड़ देते है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश करने पर न्यायाधीश कानूनी पहलुओं की पड़ताल के बाद आरोपी को जेल में डालने या जमानत का फैसला सुनाते हैं।
थाना और चौकी में कैसे होता है काम
- विशाल चिंटा के सवाल पर उन्होंने बताया कि पुलिस कार्य क्षेत्र को अलग-अलग बांटा जाता है। इसमें चौकी प्रभारी होता है लेकिन चौकी की सारी रिपोर्टिंग संबंधित क्षेत्र के थाने में होती है।
नाबालिग से मजदूरी करवाने पर क्या सजा
- मोहित के सवाल के थाना प्रभारी ने बताया कि नाबालिग से मजदूरी करवाना अपराध है। इसमें कार्य करवा रहे लोगों पर कार्रवाई की जाती है। 18 वर्ष से कम उम्र का बच्चा सिर्फ पढ़ाई ही कर सकता है।
नशा छुड़वाने के लिए क्या करती है पुलिस
- रितुल के नशाखोरी पर पूछे सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि नशा छुड़वाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र बनाए गए हैं। यहां पर नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों का इलाज कर उनसे नशा छुड़वाया जाता है। इसमें डॉक्टर भी व्यक्ति की समय-समय पर जांच करते हैं।
क्या नाबालिग को भी होती है सजा
-ध्रुव ने सवाल किया कि नाबालिग नशे का कारोबार करता है तो उसके लिए सजा का क्या प्रावधान है। थाना प्रभारी ने बताया कि नशा का कारोबार करने वाला नाबालिग हो या फिर बालिग, दोनों के खिलाफ कार्रवाई होती है। इसमें नाबालिक को सुधार गृह और बालिग जेल भेजा जाता है।

कैसे पहुंचाए पुलिस को आवश्यक सूचना
- रोहित ने पूछा कि यदि उन्हें पुलिस को कोई जानकारी देनी हो तो क्या करना होगा। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस को सूचना देने के लिए 100 और 112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाता है।
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