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Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में दूरबीन से पेट में अल्सर फटने का ऑपरेशन सफल

Wed, 28 Jan 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:55 PM IST
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-खास खबर-
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सर्जरी विभाग ने किया नया कीर्तिमान स्थापित, चीरे वाले ऑपरेशन से बचाया
पीजीआई और आईजीएमसी शिमला में भी दूरबीन से नहीं हुआ है ऐसा ऑपरेशन
डेढ़ घंटे तक चले ऑपरेशन से बचाई मरीज की जान, अब खतरे से बाहर
आदित्य सोफत
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल के सर्जरी विभाग ने दूरबीन से पेट में अल्सर फट जाने के बाद सफल ऑपरेशन किया है। दावा है कि प्रदेश के पहली बार दूरबीन से आपातस्थिति में ऑपरेशन को किया है। पीजीआई चंडीगढ़ व आईजीएमसी में भी दूरबीन से इस प्रकार का जटिल ऑपरेशन नहीं हुआ है। आपातस्थिति में मरीजों को चिकित्सक रेफर करते थे। वहां चीरे के जरिए ऑपरेशन किया जाता था, लेकिन क्षेत्रीय अस्पताल के सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने ऑपरेशन को बिना चीरे के किया है। डेढ़ घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद मरीज की जान चिकित्सकों ने बचाई है। अब मरीज पूरी तरह से खतरे से बाहर है और अस्पताल से छुट्टी भी दे दी है।
चिकित्सकों के अनुसार 31 वर्षीय अनिल कुमार निवासी सलोगड़ा 23 जनवरी को क्षेत्रीय अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में लाया गया था। व्यक्ति बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों के जांच करने पर पता चला कि मरीज के पेट में अल्सर फट चुका है और तुरंत ऑपरेशन जरूरी है। सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने दूरबीन से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। इसके बाद ऑपरेशन किया और पांच दिनों तक मरीज को अपनी देखरेख में रखा। खास बात यह है कि मरीज का 25,000 रुपये के खर्चे तक को चिकित्सकों ने बचाया है। निशुल्क सुविधा मरीज को अस्पताल में दी गई है।
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इनसेट
छाती तक लगता है चीरा
मरीज का अगर चीरे वाला ऑपरेशन होता तो इसके लिए छाती से पेट के निचले हिस्से तक कट लगाया जाना था। कट लगाने के बाद ऑपरेशन होना था, लेकिन दूरबीन से किए ऑपरेशन में पेट के आसपास तीन छेद किए गए और ये छेद एक-एक सेंटीमीटर के थे। इनके जरिए दूरबीन से ऑपरेशन किया। इस ऑपरेशन के फायदा है कि मरीज जल्दी ठीक हो जाता है और कार्य पर भी जल्द लौट सकता है। इसके विपरीत चीरे वाले ऑपरेशन में आंत के चिपकने से रुकावट का खतरा रहता है और यह काफी पीड़ादायक होता है।
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इनसेट
जनवरी 2025 से शुरू हुए दूरबीन से
सर्जन चिकित्सक डॉ. अंकित शर्मा के क्षेत्रीय अस्पताल पदभार संभालने के बाद जनवरी 2025 से दूरबीन ऑपरेशन शुरू हुए हैं। वर्तमान में तीनों सर्जरी चिकित्सक दूरबीन से ऑपरेशन करते हैं। अब तक 450 ऑपरेशन हो चुके हैं जो दूरबीन के जरिए किए हैं। इसमें गॉल ब्लेडर के मुख्य ऑपरेशन शामिल है। डॉ. अंकित ने दूरबीन ऑपरेशनों के लिए फेलोशिप भी की है।

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ये आती थी मरीज को दिक्कतें
मरीज ने बताया कि काफी समय से बाजू सून रहती थी। इसके बाद छाती में काफी दिनों तक दर्द रहने लगा। 23 को वे बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें कुछ न पता चला। उन्होंने चिकित्सक का आभार जताया है। उन्होंने बताया कि वे मजदूरी करते हैं।


इनसेट
ऑपरेशन डेढ़ घंटे में सफल हुआ है। मरीज पूरी तरह से ठीक है। सर्जरी ऑपरेशन टीमवर्क से पूरा होता है। इसमें डॉ. सौरभ शांडिल और डॉ. मुकुल शर्मा ने भी साथ दिया। इसके अलावा स्टाफ नर्स रजनी और ओटीए निधि भी मौजूद रहीं। वहीं, एनेस्थीसिया चिकित्सक डॉ. हितेश का भी विशेष आभार जताया है क्योंकि वे जटिल केस करवाने में कभी हिचकिचाते नहीं हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवार का भी धन्यवाद जिन्होंने हमेशा हौसला बढ़ाया है।
-डॉ. अंकित शर्मा, सर्जन, आरएच सोलन
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