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Solan News: परवाणू-कसौली रूट पर बसों की छतों पर ढोई जा रही सवारियां
Thu, 08 Aug 2024 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 08 Aug 2024 11:41 PM IST
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कसौली-परवाणू सड़क पर बस की छत्त सवारियां ढोती बस। संवाद
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जान जोखिम में डाल सफर करने पर मजबूर हो रहे यात्री
परिवहन विभाग नहीं दे रहा कोई ध्यान, हो सकता है हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू से कसौली रूट पर जाने वाली बसों में सवारियां छतों पर ढोई जा रही है। जान को जोखिम में डालकर यात्री सफर कर रहे हैं। इस ओर न तो परिवहन विभाग ध्यान दे रहा है और न ही पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई की जा रही है। ऐेसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की भी आशंका है। हैरत की बात तो यह है कि कसौली से परवाणू को भरकर आने वाली बसें चौक से एक किलोमीटर पहले ही सवारियों को छत से उतार देती हैं। इसमेें अधिकतर निजी बसें हैं।
गौर रहे कि इन दिनों बरसात का मौसम है। ऐसे में मिट्टी वाली जगह कच्ची है और खिसकने का डर भी बना रहता है। वहीं पहाड़ियों से सड़क पर पत्थर गिरने की संभावना भी बढ़ जाती है। इससे जोखिम अधिक बढ़ जाता है। हाल ही में मसूलखाना के पास निजी कंपनी की कर्मचारियों को ले जाने वाली बस पर पहाड़ से पत्थर पर गिरने का मामला भी आया था। लेकिन इस प्रकार से लोगों की जान जोखिम में डालकर छत पर सवारियों को ढोना अपने आप में बड़े प्रश्न खड़े कर रहा है। उधर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि टीम भेज कर निरीक्षण किया जाएगा। नियमों की अवहेलना पर कार्रवाई की जाएगी।
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परिवहन विभाग नहीं दे रहा कोई ध्यान, हो सकता है हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू से कसौली रूट पर जाने वाली बसों में सवारियां छतों पर ढोई जा रही है। जान को जोखिम में डालकर यात्री सफर कर रहे हैं। इस ओर न तो परिवहन विभाग ध्यान दे रहा है और न ही पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई की जा रही है। ऐेसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की भी आशंका है। हैरत की बात तो यह है कि कसौली से परवाणू को भरकर आने वाली बसें चौक से एक किलोमीटर पहले ही सवारियों को छत से उतार देती हैं। इसमेें अधिकतर निजी बसें हैं।
गौर रहे कि इन दिनों बरसात का मौसम है। ऐसे में मिट्टी वाली जगह कच्ची है और खिसकने का डर भी बना रहता है। वहीं पहाड़ियों से सड़क पर पत्थर गिरने की संभावना भी बढ़ जाती है। इससे जोखिम अधिक बढ़ जाता है। हाल ही में मसूलखाना के पास निजी कंपनी की कर्मचारियों को ले जाने वाली बस पर पहाड़ से पत्थर पर गिरने का मामला भी आया था। लेकिन इस प्रकार से लोगों की जान जोखिम में डालकर छत पर सवारियों को ढोना अपने आप में बड़े प्रश्न खड़े कर रहा है। उधर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि टीम भेज कर निरीक्षण किया जाएगा। नियमों की अवहेलना पर कार्रवाई की जाएगी।
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