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Solan News: सात माह से नालागढ़ में नहीं बन रहे विकलांगता प्रमाण पत्र
Mon, 21 Oct 2024 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 21 Oct 2024 11:03 PM IST
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लोग इससे मिलने वाले लाभ से हो वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ में पिछले करीब सात महीने से लोगों के विकलांगता प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नालागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले अप्रैल से ही विकलांगता प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं जिसके कारण लोग इससे मिलने वाले लाभों से वंचित हो रहे हैं।
यहां पर हर माह लगभग 15 से 20 लोगों के अपंगता प्रमाण पत्र बनते हैं लेकिन पिछले अप्रैल से यहां प्रमाण पत्र नहीं बन रहे है। इसका कारण बताया जा रहा है कि अभी साइट नहीं चल रही है जिसके कारण आवेदन ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पा रहे हैं। प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपलोड होने के बाद जिला चिकित्साधिकारी कार्यालय से जारी किए जाते हैं। साइट न चलने के कारण नालागढ़ अस्पताल में डेढ़ सौ से ज्यादा आवेदन लंबित पड़े हैं। प्रमाणपत्र बन जाने से लोगों को विकलांगता पेंशन लगती है। विकलांग लोगों को नौकरी के लिए विकलांगता प्रमाणपत्र की आवश्यकता रहती है। विकलांग लोगों को हिमाचल परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती किंतु प्रमाणपत्र न बनने से कितने ही लोगों के लाभ रुके हुए हैं। भाजयुमो के प्रदेश प्रवक्ता सौरभ धीमान और महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष इंदु वैद्य ने कहा है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने में पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने हैरानी जताई कि केवल नालागढ़ खंड की ही साइट बंद है। लोगों को कोई लाभ न मिले इसलिए सरकार ने जानबूझ कर साइट बंद कर रखी है। इस विषय में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मुक्ता रस्तोगी का कहना हुआ कि साइट न चलने के कारण आवेदन लंबित पड़े हैं। इस विषय को लगातार जिला चिकित्साधिकारी कार्यालय से नियमित रूप से उठाया जा रहा है। जैसे ही साइट चलती है, विकलांगता प्रमाणपत्र बना दिए जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ में पिछले करीब सात महीने से लोगों के विकलांगता प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नालागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले अप्रैल से ही विकलांगता प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं जिसके कारण लोग इससे मिलने वाले लाभों से वंचित हो रहे हैं।
यहां पर हर माह लगभग 15 से 20 लोगों के अपंगता प्रमाण पत्र बनते हैं लेकिन पिछले अप्रैल से यहां प्रमाण पत्र नहीं बन रहे है। इसका कारण बताया जा रहा है कि अभी साइट नहीं चल रही है जिसके कारण आवेदन ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पा रहे हैं। प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपलोड होने के बाद जिला चिकित्साधिकारी कार्यालय से जारी किए जाते हैं। साइट न चलने के कारण नालागढ़ अस्पताल में डेढ़ सौ से ज्यादा आवेदन लंबित पड़े हैं। प्रमाणपत्र बन जाने से लोगों को विकलांगता पेंशन लगती है। विकलांग लोगों को नौकरी के लिए विकलांगता प्रमाणपत्र की आवश्यकता रहती है। विकलांग लोगों को हिमाचल परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती किंतु प्रमाणपत्र न बनने से कितने ही लोगों के लाभ रुके हुए हैं। भाजयुमो के प्रदेश प्रवक्ता सौरभ धीमान और महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष इंदु वैद्य ने कहा है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने में पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने हैरानी जताई कि केवल नालागढ़ खंड की ही साइट बंद है। लोगों को कोई लाभ न मिले इसलिए सरकार ने जानबूझ कर साइट बंद कर रखी है। इस विषय में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मुक्ता रस्तोगी का कहना हुआ कि साइट न चलने के कारण आवेदन लंबित पड़े हैं। इस विषय को लगातार जिला चिकित्साधिकारी कार्यालय से नियमित रूप से उठाया जा रहा है। जैसे ही साइट चलती है, विकलांगता प्रमाणपत्र बना दिए जाएंगे।
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