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फ्लैट, प्लाट और मकान खरीदने को एनओसी जरूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Tue, 03 May 2016 10:31 PM IST
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शहर में प्लाट, फ्लैट, मकान खरीदने और बेचने के लिए अब नगर परिषद से एनओसी अनिवार्य होगी।
- फोटो : Demo Pic
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शहर में प्लाट, फ्लैट, मकान खरीदने और बेचने के लिए अब नगर परिषद से एनओसी अनिवार्य होगी। बिना एनओसी के खरीदे भवन मालिक के बिजली या पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
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हालांकि निर्माण के वक्त नप से एनओसी लेना जरूरी होता है लेकिन अब प्लाट फ्लैट या मकान खरीदते के लिए भी अनापत्ति प्रमाणपत्र की शर्त नगर परिषद लगाने जा रही है। बढ़ते अवैध निर्माण और अतिक्रमण के चलते सोलन नगर परिषद ने इस फैसले को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है। तर्क दिया कि कुछ अरसे से फ्लैट खरीदने और बेचने के मामलों में विवाद बढ़ा है।
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कुछ मामले ऐसे भी हैं जहां लोगों ने नगर परिषद की जमीन पर अतिक्रमण कर भवन खड़ा कर लिया है। फिर महंगी कीमतों पर बेच दिया। इससे सड़कों, नालों, पार्कों रास्तों में भी अवैध रूप अतिक्रमण कर भवन का निर्माण किया है। ऐसे मामलों में अब न जमीन खरीदी जा सकेगी न बेची। नगर परिषद ने अपनी जमीन की तस्दीक करने की कवायद भी छेड़ दी है। इसके लिए राजस्व विभाग से भी मदद ली जा रही है। इसने नगर परिषद शहर में अपने अधीन भूमि को भी चिन्हित करवाएगी।
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यह भी कारण
सोलन में बिल्डरों का बोलबाला है। सैकड़ों फ्लैट यहां खड़े हैं। इनकी खरीद फरोख्त का काम चला रहता है। शहर में मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में कुछ बिल्डर और प्रापर्टी डीलर ग्राहकों को गुमराह कर विवादित फ्लैट बेच देते हैं। कई जगह तो अतिक्रमण वाले प्लाट बेचे गए हैं। इसके चलते अब भवन मालिकों को बिजली-पानी की एनओसी नहीं मिल रही है। कानूनी पेचिदगियों का भी सामना करना पड़ रहा है। इससे विवादित फ्लैट्स में नगर परिषद को टैक्स के रूप में आय न मिलने से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
सेटबैक की भी डिमार्केशन जल्द
राजस्व विभाग की मदद से सेटबैक की डिमार्केशन जल्द होगी। इससे नगर परिषद को रास्तों और सड़कों को चौड़ा करने में मदद मिलेगी। साथ ही अवैध रूप से कब्जा कर किए निर्माण का पता भी चलेगा। नप शहर की सड़कों, नालों तथा पार्कों की जमीन पर अपना हक तो जताती है लेकिन इसका असल रिकार्ड कहीं भी मौजूद नहीं है। इसके चलते लोग अपने प्लाट के आसपास की जमीन पर कब्जा कर लेते हैं। इससे रास्तों और सड़कों के निर्माण के अलावा सीवरेज कखा पेयजल पाइपों की रिपेयर करने में परेशानी आती है।
पार्किंग पार्क का निर्माण होगा संभव
यदि यह कवायद रंग लाती है तो नगर परिषद की खाली जमीन का भी पता चलेगा। इससे वार्ड क्षेत्रों में पार्क और पार्किंग का निर्माण संभव होगा। शहर के वार्ड क्षेत्रों में लंबे समय से पार्किंग तथा पार्क निर्माण की योजना है लेकिन नप को अपनी जमीन का पता नहीं होने से यह संभव नहीं हो पा रहा। लेकिन ताजा कवायद के बाद इस योजना के सिरे चढ़ने की संभावना है।
शुरू की कवायद : ईओ
नगर परिषद के अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि भविष्य में इस योजना को लागू किया जा सकता है। नगर परिषद के ईओ बीआर नेगी का कहना है कि फ्लैट खरीदने और बेचने के लिए नगर परिषद की एनओसी जरूरी की जा रही है। इसके लिए कवायद शुरू की जाएगी। नगर परिषद अपनी जगह चिन्हित करने की कवायद छेड़ रही है। इसके लिए राजस्व विभाग को सूचित कर दिया है।