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Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में डेंटल एक्सरे मशीन नहीं, मरीज परेशान
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निजी क्लीनिकों में एक्सरे करवाने के लिए 300 से 400 रुपये करने पड़ रहे खर्च
अस्पताल में रोजाना 40 से 50 मरीज पहुंच रहे दांतों की समस्या लेकर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में दांतों का इलाज करवाने पहुंच रहे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में डेंटल एक्सरे मशीन न होने के कारण मरीजों को मजबूरन निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है। जहां अस्पताल में यह सुविधा मुफ्त या मामूली शुल्क पर मिलनी चाहिए, वहीं निजी केंद्रों पर मरीजों से एक एक्सरे के 300 से 400 रुपये वसूले जा रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना करीब 40 से 50 मरीज दांतों की ओपीडी में आते हैं। इनमें से 15 से 20 मरीजों को दांत निकलवाने, फिलिंग या दर्द की जांच के लिए एक्सरे की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में सुविधा न होने से गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। गौरतलब है कि इस अस्पताल में सोलन के अलावा शिमला और सिरमौर जिलों से भी लोग इलाज के लिए आते हैं। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल प्रशासन इस समस्या से अवगत है और पहले भी कई बार स्वास्थ्य विभाग को मशीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिख चुका है। इसके बावजूद अब तक न तो मशीन मिली है और न ही विभाग की ओर से कोई सकारात्मक जवाब आया है।
कोट
अस्पताल ने इस संबंध में कई बार स्वास्थ्य विभाग को मांग पत्र भेजा है। विभाग से अभी तक मशीन को लेकर कोई जवाब नहीं मिला है। जैसे ही मंजूरी और मशीन मिलती है, इसे स्थापित कर दिया जाएगा। हमारा प्रयास है कि लोगों को जल्द यह सुविधा मिले।
- डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन
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अस्पताल में रोजाना 40 से 50 मरीज पहुंच रहे दांतों की समस्या लेकर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में दांतों का इलाज करवाने पहुंच रहे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में डेंटल एक्सरे मशीन न होने के कारण मरीजों को मजबूरन निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है। जहां अस्पताल में यह सुविधा मुफ्त या मामूली शुल्क पर मिलनी चाहिए, वहीं निजी केंद्रों पर मरीजों से एक एक्सरे के 300 से 400 रुपये वसूले जा रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना करीब 40 से 50 मरीज दांतों की ओपीडी में आते हैं। इनमें से 15 से 20 मरीजों को दांत निकलवाने, फिलिंग या दर्द की जांच के लिए एक्सरे की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में सुविधा न होने से गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। गौरतलब है कि इस अस्पताल में सोलन के अलावा शिमला और सिरमौर जिलों से भी लोग इलाज के लिए आते हैं। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल प्रशासन इस समस्या से अवगत है और पहले भी कई बार स्वास्थ्य विभाग को मशीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिख चुका है। इसके बावजूद अब तक न तो मशीन मिली है और न ही विभाग की ओर से कोई सकारात्मक जवाब आया है।
कोट
अस्पताल ने इस संबंध में कई बार स्वास्थ्य विभाग को मांग पत्र भेजा है। विभाग से अभी तक मशीन को लेकर कोई जवाब नहीं मिला है। जैसे ही मंजूरी और मशीन मिलती है, इसे स्थापित कर दिया जाएगा। हमारा प्रयास है कि लोगों को जल्द यह सुविधा मिले।
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- डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन