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Solan News: दो माह से क्षेत्रीय अस्पताल में नहीं हो पाई है नए सर्जन की तैनाती

Fri, 13 Jan 2023 11:48 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jan 2023 11:48 PM IST
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New surgeon could not be posted in regional hospital for two months
क्षेत्रीय अस्पताल में मेडीसन ओपीडी के बाहर लगी भीड़। संवाद - फोटो : SOLAN
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में दो माह बाद भी नए सर्जन की तैनाती नहीं हो पाई है। इसके चलते यह पद अभी भी खाली चल रहा है। मजबूरन मरीजों को ऑपरेशन के लिए या तो आईजीएमसी पहुंचना पड़ रहा है या फिर निजी क्लीनिकों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं अस्पताल से भी आपातस्थिति में आने वाले सर्जरी के मरीजों को आईजीएमसी शिमला या अन्य अस्पतालों में भेजा रहा है।
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इससे मरीजों की जेब पर भी बोझ बढ़ रहा है। इसके अलावा भी सर्जरी, रसौली और पत्थरी समेत अन्य मरीजों को भी रेफर करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इससे गांव से आने वाले मरीज अधिक समस्या का सामना कर रहे हैं। वहीं चिकित्सक के न होने से सर्जरी वार्ड भी पूरी तरह से खाली पड़ा है। दो माह से चिकित्सक के न होने से मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से सर्जन चिकित्सक की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया और जल्द तैनाती का आग्रह किया गया है।
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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में एक मात्र सर्जन चिकित्सक चुनावों के बीच सेवानिवृत्त हो गए थे। इसके बाद से अस्पताल में चिकित्सक की कमी खल रही है। चिकित्सक के न होने से जहां मरीजों को परेशानी हो रही है। वहीं सर्जरी के लिए मरीजों को इधर-उधर धक्के खाने पड़ रहे हैं। वहीं गांव के लोगों को चिकित्सक के न होने की जानकारी के चलते अस्पताल के बार-बार चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। मरीजों को शिमला या चंडीगढ़ जाने के लिए अधिक पैसे भी खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं कई माइनर ऑपरेशन के लिए लोगों को काफी दिन तक रुकना पड़ रहा है।
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गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर सोलन समेत शिमला और सिरमौर के कई क्षेत्रों के लोग इलाज के आते हैं। इसके चलते यहां पर हर रोज 1200 से 1500 की ओपीडी रहती है। इनमें से करीब 300 मरीज सर्जिकल ओपीडी में इलाज के लिए आते हैं। इसके अलावा आपातस्थिति में भी सर्जिकल मरीज आते हैं। ऐसे में चिकित्सक के न होने से असर मरीजों पर पड़ता जा रहा है।

अस्पताल में सर्जन चिकित्सक की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। आग्रह किया गया है कि जल्द चिकित्सक की तैनाती की जाए, ताकि मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
-डॉ. एसएल वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल
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