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बद्दी में बंद के आदेशों के बावजूद चलता रहा फार्मा उद्योग
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बद्दी(सोलन)। बद्दी स्थित एक मल्टी नेशनल कंपनी में कोरोना संक्रमण के मामले आने के बाद प्रशासन के बंद के आदेश के बावजूद काम चलता रहा। इस उद्योग में कोविड प्रोटोकॉल की सरेआम अवहेलना की गई। सोमवार को कोरोना पॉजिटिव मामले आने के बाद उपायुक्त सोलन ने मंगलवार को आदेश जारी किए थे कि बहु राष्ट्रीय दवा कंपनी और थाना गांव की फार्मा कंपनी कोरोना केस के चलते आगामी आदेशों तक बंद रहेगी। कंपनी को माइक्रो कंटेनमेंट जोन में शामिल किया है।
इसके बावजूद मल्टीनेशनल कंपनी बंद नहीं की गई। कंपनी ने सुबह 6:00 बजे की शिफ्ट में अपने कामगारों को काम पर बुलाकर प्रोडक्शन जारी रखा। वहीं जिस दवा फैक्ट्री को जो आदेश उपायुक्त ने दिए थे, वे उसका पालन करते रहे। मल्टीनेशनल कंपनी की पहली शिफ्ट जैसे ही खत्म हुई, कंपनी में दूसरी शिफ्ट के कामगारों को काम पर जाते हुए देखा गया। जब इस बारे में प्रबंधन से बात की तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इसका जवाब हम उपायुक्त को ही देंगे। हैरानी की बात यह रही कि कंपनी के बाहर किसी भी तरह की कोई भी रिंग फेंस पुलिस ने लगाई नहीं थी। न ही कोई प्रशासन ने वहां कोई अधिसूचना बोर्ड लगाया था।
हालांकि जिला दंडाधिकारी ने मंगलवार को आदेश जारी कर 48 घंटे तक फैक्ट्री को बंद रहने के आदेश दिए थे लेकिन फैक्ट्री बंद नहीं हुई। जिला पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी ने बताया कि कंपनी में एक कोविड केस आने के बाद दो दिन तक सैनिटाइजेशन की जानी थी। उसके बाद ही पुलिस ने रिंग फेंस को हटाया। प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने पहले ही उद्योग का दौरा कर लिया था जिसकी रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी थी। इसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।
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इसके बावजूद मल्टीनेशनल कंपनी बंद नहीं की गई। कंपनी ने सुबह 6:00 बजे की शिफ्ट में अपने कामगारों को काम पर बुलाकर प्रोडक्शन जारी रखा। वहीं जिस दवा फैक्ट्री को जो आदेश उपायुक्त ने दिए थे, वे उसका पालन करते रहे। मल्टीनेशनल कंपनी की पहली शिफ्ट जैसे ही खत्म हुई, कंपनी में दूसरी शिफ्ट के कामगारों को काम पर जाते हुए देखा गया। जब इस बारे में प्रबंधन से बात की तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इसका जवाब हम उपायुक्त को ही देंगे। हैरानी की बात यह रही कि कंपनी के बाहर किसी भी तरह की कोई भी रिंग फेंस पुलिस ने लगाई नहीं थी। न ही कोई प्रशासन ने वहां कोई अधिसूचना बोर्ड लगाया था।
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हालांकि जिला दंडाधिकारी ने मंगलवार को आदेश जारी कर 48 घंटे तक फैक्ट्री को बंद रहने के आदेश दिए थे लेकिन फैक्ट्री बंद नहीं हुई। जिला पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी ने बताया कि कंपनी में एक कोविड केस आने के बाद दो दिन तक सैनिटाइजेशन की जानी थी। उसके बाद ही पुलिस ने रिंग फेंस को हटाया। प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने पहले ही उद्योग का दौरा कर लिया था जिसकी रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी थी। इसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।
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