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मिड-डे मील कर्मचारियों का नौ हजार रुपये हो न्यूनतम वेतन
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सोलन। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन हिमाचल प्रदेश (संबंधित सीटू) की जिला कमेटी सोलन ने राज्य स्तरीय आह्वान पर पूरे राज्य भर में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन भेजे।
इस मौके पर जिला सोलन में भी सोलन, नालागढ़ और दाड़लाघाट में मिड डे मील वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
सीटू के जिला सचिव एनडी रनौत ने बताया कि ज्ञापन में मिड डे मील वर्कर्स को सरकार की ओर से घोषित 9000 हजार न्यूनतम वेतन दिया जाए। हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर्स की भर्ती में मिड डे मील वर्करों को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दी जाए।
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इसके अलावा मिड डे मील वर्करों की नौकरी से संबंधित 25 बच्चों की शर्त को हटाया जाए। सभी स्कूलों में दो मिड डे मील वर्करों की नियुक्ति की जाए। मिड डे मील वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, मिड डे मील योजना का किसी भी रूप में निजीकरण न किया जाए, केंद्रीय रसोईघरों पर रोक लगाई जाए, सहित अन्य मांगें शामिल रहीं। इसके अलावा मिड डे मील वर्कर्स को कई बार तीन से चार माह तक वेतन नहीं दिया जाता, मिड डे मील वर्करों को प्रतिमाह पहली तारीख को वेतन का भुगतान, साल में दो वर्दी दी जाए, आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश और मेडिकल अवकाश दिए जाने की भी मांग रखी गई। इस मौके पर सीटू जिला सचिव एनडी रणौत, जिला अध्यक्ष मोहित वर्मा, मिड डे मील वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष मीरा कश्यप, सचिव कमलेश सहित कुंता देवी, सुनील शर्मा, सपना ठाकुर, नर्मदा देवी, मीना, कमलेश आदी मौजूद रहे।
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इस मौके पर जिला सोलन में भी सोलन, नालागढ़ और दाड़लाघाट में मिड डे मील वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
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सीटू के जिला सचिव एनडी रनौत ने बताया कि ज्ञापन में मिड डे मील वर्कर्स को सरकार की ओर से घोषित 9000 हजार न्यूनतम वेतन दिया जाए। हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर्स की भर्ती में मिड डे मील वर्करों को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दी जाए।
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इसके अलावा मिड डे मील वर्करों की नौकरी से संबंधित 25 बच्चों की शर्त को हटाया जाए। सभी स्कूलों में दो मिड डे मील वर्करों की नियुक्ति की जाए। मिड डे मील वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, मिड डे मील योजना का किसी भी रूप में निजीकरण न किया जाए, केंद्रीय रसोईघरों पर रोक लगाई जाए, सहित अन्य मांगें शामिल रहीं। इसके अलावा मिड डे मील वर्कर्स को कई बार तीन से चार माह तक वेतन नहीं दिया जाता, मिड डे मील वर्करों को प्रतिमाह पहली तारीख को वेतन का भुगतान, साल में दो वर्दी दी जाए, आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश और मेडिकल अवकाश दिए जाने की भी मांग रखी गई। इस मौके पर सीटू जिला सचिव एनडी रणौत, जिला अध्यक्ष मोहित वर्मा, मिड डे मील वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष मीरा कश्यप, सचिव कमलेश सहित कुंता देवी, सुनील शर्मा, सपना ठाकुर, नर्मदा देवी, मीना, कमलेश आदी मौजूद रहे।