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कर्फ्यू के पहले दिन बाजार में सूनी रहीं दुकानें
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नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ में कर्फ्यू के पहले दिन बाजार सूने रहे। जरूरी सामान के दुकानें तो खुली रही लेकिन कोई ग्राहक नहीं आया है। जगह-जगह पुलिस नाके होने पर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल जा रहे लोगों को बाहर निकलने के कारण पूछा गया।
कर्फ्यू के पहले दिन नालागढ़ बाजार सूना रहा। लोग अपने घरों से नहीं निकले। जरूरी सामान की दुकानें तो खुली रहीं लेकिन दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहे। बाद में साफ-सफाई करने के बाद ही मजबूरन उन्हें दुकानें बंद करनी पड़ीं।
नालागढ़ के किराना दुकानदार रामशरण पुरी, राजेंद्र जैन, अमित बस्सी ने बताया कि उन्होंने दुकानें सुबह खोल दी थीं लेकिन शाम तक कोई भी ग्राहक नहीं आया। लोग अपने घरों से नहीं निकले। कर्फ्यू लगने से एक दिन पहले ही लोगों ने जमकर खरीदारी कर ली थी।
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लोगों ने एक माह का राशन जमाकर लिया था। लोग कोरोना का दूसरी लहर को देख कर डरे हुए हैं और खुद भी बाहर नहीं आए। अगर कोई इक्का-दुक्का लोग बाहर निकले तो जगह-जगह नाके पर खड़ी पुलिस ने उन्हें बाहर आने का कारण पूछा गया। लोग बिना किसी वजह से घूम रहे थे, उन्हें वापस लताड़ा गया।
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कर्फ्यू के पहले दिन नालागढ़ बाजार सूना रहा। लोग अपने घरों से नहीं निकले। जरूरी सामान की दुकानें तो खुली रहीं लेकिन दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहे। बाद में साफ-सफाई करने के बाद ही मजबूरन उन्हें दुकानें बंद करनी पड़ीं।
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नालागढ़ के किराना दुकानदार रामशरण पुरी, राजेंद्र जैन, अमित बस्सी ने बताया कि उन्होंने दुकानें सुबह खोल दी थीं लेकिन शाम तक कोई भी ग्राहक नहीं आया। लोग अपने घरों से नहीं निकले। कर्फ्यू लगने से एक दिन पहले ही लोगों ने जमकर खरीदारी कर ली थी।
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लोगों ने एक माह का राशन जमाकर लिया था। लोग कोरोना का दूसरी लहर को देख कर डरे हुए हैं और खुद भी बाहर नहीं आए। अगर कोई इक्का-दुक्का लोग बाहर निकले तो जगह-जगह नाके पर खड़ी पुलिस ने उन्हें बाहर आने का कारण पूछा गया। लोग बिना किसी वजह से घूम रहे थे, उन्हें वापस लताड़ा गया।