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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Many villages in Darlaghat are terrorized by suspicious people, villagers are keeping vigil

Solan News: दाड़लाघाट के कई गांवों में संदिग्ध लोगों से दहशत, ग्रामीण दे रहे ठिकरी पहरा

Wed, 06 May 2026 11:25 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 11:25 PM IST
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पुलिस को सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंची मौके पर, लोगों में रोष
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ग्रामीणों ने मिलकर चलाया तलाशी अभियान, नहीं मिला सुराग
महिलाओं और परिवारों में बढ़ा डर, रात नहीं सो पा रहे
बाहरी राज्य की पुलिस की मौजूदगी पर भी उठे सवाल
क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। अर्की तहसील के सेवड़ा चंडी क्षेत्र के पनालग और आसपास के गांवों में कुछ दिनों से संदिग्ध गतिविधियों के चलते लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। पकौटी, बांजन, सेवड़ा चंडी और संघोई के ग्रामीणों ने मिलकर स्वयं तलाशी अभियान भी चलाया, लेकिन कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी। ग्रामीण इतने डरे हैं बीच-बीच में ठीकरी पहरा भी दिया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि 5 मई को दाड़लाघाट पुलिस को मौके पर बुलाया था, लेकिन पुलिस ने आने से मना कर दिया। स्थानीय लोगों को खुद ही स्थिति संभालने के लिए छोड़ दिया। इस घटना के बाद लोगों में प्रशासन और पुलिस के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। महिलाओं और लोगों का कहना है कि वे एक सप्ताह से भय के कारण ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं। रात के समय संदिग्ध लोगों को घरों के आसपास देखे जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे क्षेत्र में दहशत है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले 30 अप्रैल को भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दी गई थी। उस समय पुलिस ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया था, जबकि बाद में बताया गया कि बाहरी राज्य की पुलिस किसी मामले की जांच के सिलसिले में क्षेत्र में पहुंची थी। बिना स्थानीय पुलिस की जानकारी के बाहरी टीम की मौजूदगी को लेकर भी ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं।
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स्थानीय लोगों ने प्रशासन, दाड़लाघाट पुलिस और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बड़े उद्योगों से जुड़े मामलों में प्रशासन तुरंत सक्रिय हो जाता है, लेकिन आम जनता की सुरक्षा के मामलों में लापरवाही बरती जा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में तुरंत पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाए और लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन, पुलिस विभाग और जनप्रतिनिधियों की होगी।
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