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अस्पताल में पीएसए प्लांट के बाद मैनिफोल्ड का सफल ट्रायल
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में पीएसए प्लांट के बाद अब मैनिफोल्ड से ऑक्सीजन का ट्रायल सफल हो गया है। अस्पताल प्रशासन ने 40 सिलिंडरों के मैनिफोल्ड से 200 बेड तक पीएसए प्लांट की पाइपों से ऑक्सीजन पहुंचाई। इसके बाद मैनिफोल्ड को ग्रीन टिक मिल गया है।
अब अस्पताल में बिजली जाने पर पीएसए प्लांट बंद होगा तो प्रशासन तुरंत मैनिफोल्ड की सहायता से मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाएगा। इससे मरीजों के तीमारदारों को सिलिंडर के लिए इधर-उधर नहीं भागना पड़ेगा। सिलिंडरों की खपत भी कम होगी। इसे लगाने के लिए अस्पताल प्रशासन नेे एक करोड़ रुपये व्यय किया है।
वर्तमान में पीएसए प्लांट से मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। अस्पताल के सभी बेड तक प्लांट से ऑक्सीजन पहुंचने से सिलिंडरों की खपत कम हो गई है और तीमारदारों को भी सिलिंडर के लिए नहीं भटकना पड़ रहा है।
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अस्पताल प्रशासन इन दिनों करीब 16 घंटे पीएसए प्लांट चला रहा है। इसमें दो घंटे का अतिरिक्त बैकअप भी रहता है। इसके बाद भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया करवाए जाते हैं। अब मैनिफोल्ड ने भी अस्पताल में कार्य करना शुरू कर दिया है।
इससे पहले केवल अस्पताल के शिशु वार्ड में ही मैनिफोल्ड लगा था। यहां पर छोटे सिलिंडरों से वार्ड तक ऑक्सीजन पहुंचती थी। पीएसए प्लांट लगने के बाद अब कुछ बदलाव भी किए हैं और मैनिफोल्ड से भी अस्पताल में निर्बाध ऑक्सीजन सप्लाई होगी।
13 सेकेंड में पहुंचेगी ऑक्सीजन
अस्पताल में मैनिफोल्ड के जरिये 13 सेकेंड में मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचेगी। प्रेशर बनाने के लिए अस्पताल में 21 सेंसर लगाए गए हैं। इनसे प्रत्येक वार्ड में ऑक्सीजन प्रेशर का पता लगेगा। जांच के लिए नोडल अधिकारी डॉ. शिवम कौशिक और प्लांट इंचार्ज गौरव को दायित्व सौंपा गया है।
प्लांट बंद होने पर नहीं होगी दिक्कत
अस्पताल में मैनिफोल्ड का भी ट्रायल सफल रहा है। अस्पताल में लाइट जाने पर पीएसए प्लांट बंद होता है तो मैनिफोल्ड से मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाई जाएगी। इसके लिए करीब एक करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अस्पताल में बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
- डॉ. एसएल वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, सोलन
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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में पीएसए प्लांट के बाद अब मैनिफोल्ड से ऑक्सीजन का ट्रायल सफल हो गया है। अस्पताल प्रशासन ने 40 सिलिंडरों के मैनिफोल्ड से 200 बेड तक पीएसए प्लांट की पाइपों से ऑक्सीजन पहुंचाई। इसके बाद मैनिफोल्ड को ग्रीन टिक मिल गया है।
अब अस्पताल में बिजली जाने पर पीएसए प्लांट बंद होगा तो प्रशासन तुरंत मैनिफोल्ड की सहायता से मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाएगा। इससे मरीजों के तीमारदारों को सिलिंडर के लिए इधर-उधर नहीं भागना पड़ेगा। सिलिंडरों की खपत भी कम होगी। इसे लगाने के लिए अस्पताल प्रशासन नेे एक करोड़ रुपये व्यय किया है।
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वर्तमान में पीएसए प्लांट से मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। अस्पताल के सभी बेड तक प्लांट से ऑक्सीजन पहुंचने से सिलिंडरों की खपत कम हो गई है और तीमारदारों को भी सिलिंडर के लिए नहीं भटकना पड़ रहा है।
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अस्पताल प्रशासन इन दिनों करीब 16 घंटे पीएसए प्लांट चला रहा है। इसमें दो घंटे का अतिरिक्त बैकअप भी रहता है। इसके बाद भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया करवाए जाते हैं। अब मैनिफोल्ड ने भी अस्पताल में कार्य करना शुरू कर दिया है।
इससे पहले केवल अस्पताल के शिशु वार्ड में ही मैनिफोल्ड लगा था। यहां पर छोटे सिलिंडरों से वार्ड तक ऑक्सीजन पहुंचती थी। पीएसए प्लांट लगने के बाद अब कुछ बदलाव भी किए हैं और मैनिफोल्ड से भी अस्पताल में निर्बाध ऑक्सीजन सप्लाई होगी।
13 सेकेंड में पहुंचेगी ऑक्सीजन
अस्पताल में मैनिफोल्ड के जरिये 13 सेकेंड में मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचेगी। प्रेशर बनाने के लिए अस्पताल में 21 सेंसर लगाए गए हैं। इनसे प्रत्येक वार्ड में ऑक्सीजन प्रेशर का पता लगेगा। जांच के लिए नोडल अधिकारी डॉ. शिवम कौशिक और प्लांट इंचार्ज गौरव को दायित्व सौंपा गया है।
प्लांट बंद होने पर नहीं होगी दिक्कत
अस्पताल में मैनिफोल्ड का भी ट्रायल सफल रहा है। अस्पताल में लाइट जाने पर पीएसए प्लांट बंद होता है तो मैनिफोल्ड से मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाई जाएगी। इसके लिए करीब एक करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अस्पताल में बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
- डॉ. एसएल वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, सोलन