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Solan News: राम ने तोड़ा था शिव धनुष
Mon, 26 Feb 2024 11:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 26 Feb 2024 11:04 PM IST
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बद्दी में श्री राम कथा के दौरान आरती करते श्रद्धालु। संवाद
राम कथा के तीसरे दिन सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। देवी दुर्गा मंदिर अमरावती अपार्टमेंट बद्दी आयोजित राम कथा के तीसरे दिन सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया। साध्वी संयोगिता भारती ने सीता स्वयंवर पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए शर्त रखी कि जो व्यक्ति भगवान शिव का तोड़ेगा उसी के साथ उनकी पुत्री का विवाह होगा।
देश-विदेश से राजा, महाराजा, राजकुमार, देवतागण और राक्षस धनुष-यज्ञ में पहुंचे। लेकिन उसे कोई हिला तक नहीं पाया। तब मुनिवर विश्वामित्र ने प्रभु राम को धनुष तोड़ने की आज्ञा देते हुए कहा कि यह धनुष अहंकार का प्रतीक है इसलिए अहंकार का टूट जाना ही अच्छा है।
उन्होंने बताया कि प्रभु अपने चरित्र से हमें यह समझाना चाहते हैं कि मनुष्य को कार्य में सफलता मिलने पर अहंकार नहीं करना चाहिए। उसे झुककर और विनम्र भाव से व्यवहार करना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। देवी दुर्गा मंदिर अमरावती अपार्टमेंट बद्दी आयोजित राम कथा के तीसरे दिन सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया। साध्वी संयोगिता भारती ने सीता स्वयंवर पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए शर्त रखी कि जो व्यक्ति भगवान शिव का तोड़ेगा उसी के साथ उनकी पुत्री का विवाह होगा।
देश-विदेश से राजा, महाराजा, राजकुमार, देवतागण और राक्षस धनुष-यज्ञ में पहुंचे। लेकिन उसे कोई हिला तक नहीं पाया। तब मुनिवर विश्वामित्र ने प्रभु राम को धनुष तोड़ने की आज्ञा देते हुए कहा कि यह धनुष अहंकार का प्रतीक है इसलिए अहंकार का टूट जाना ही अच्छा है।
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उन्होंने बताया कि प्रभु अपने चरित्र से हमें यह समझाना चाहते हैं कि मनुष्य को कार्य में सफलता मिलने पर अहंकार नहीं करना चाहिए। उसे झुककर और विनम्र भाव से व्यवहार करना चाहिए।
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