{"_id":"66af781b7505621d8e0fe724","slug":"literature-and-culture-complement-each-other-manmohan-sharma-solan-news-c-176-1-ssml1040-126162-2024-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"साहित्य और संस्कृति एक दूसरे पूरक : मनमोहन शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साहित्य और संस्कृति एक दूसरे पूरक : मनमोहन शर्मा
Sun, 04 Aug 2024 11:05 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 04 Aug 2024 11:05 PM IST
विज्ञापन
सिरमौर कल्याण मंत्र की ओर से परमार जंयती पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करते उपायुक्त सोलन। संव
डॉ. वाईएस परमार को था पहाड़ी संस्कृति से विशेष लगाव
डॉ. परमार की जयंती पर हुई विचार गोष्ठी व कवि सम्मेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि साहित्य और संस्कृति एक दूसरे के पूरक हैं और साहित्य के माध्यम से संस्कृति जन-जन तक पहुंचती हैं। उपायुक्त रविवार को मुरारी मार्किट सोलन में सिरमौर कल्याण मंच द्वारा हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार की 118वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय विचार गोष्ठी और कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे।
उपायुक्त ने कहा कि राजनीति के साथ-साथ साहित्य की विभिन्न धाराएं संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। साहित्य ज्ञान का बड़ा स्रोत है। प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार ने हिमाचल के विकास को दिशा देने के साथ-साथ पहाड़ की संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. परमार पहाड़ी संस्कृति से विशिष्ट लगाव रखते थे और उनका सदा यह प्रयास रहा कि पहाड़ की संस्कृति, लोक परंपराओं और हस्तशिल्प को विश्व में पहचान दी जाए। उन्होंने अपने सरल जीवन के माध्यम से हिमाचली संस्कृति की जानकारी लोगों तक पहुंचाई।
उपायुक्त ने इस अवसर पर केआर कश्यप द्वारा लिखित ‘सोलन जन-पद की लोक कथाएं’ पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर रक्तदान शिविर भी लगा। 60 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। उन्होंने इससे पूर्व डॉ. वाईएस परमार की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए।
विज्ञापन
जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, सिरमौर कल्याण मंच सोलन के अध्यक्ष प्रदीप, महासचिव यशपाल कपूर, उपाध्यक्ष एसएस परमार, बलदेव चौहान, गगन चौहान, सतपाल ठाकुर, वीरेंद्र कंवर, रमेश शर्मा, नरेंद्र चौहान, राजेंद्र थापा, रिचा शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित रहे।
विज्ञापन
डॉ. परमार की जयंती पर हुई विचार गोष्ठी व कवि सम्मेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि साहित्य और संस्कृति एक दूसरे के पूरक हैं और साहित्य के माध्यम से संस्कृति जन-जन तक पहुंचती हैं। उपायुक्त रविवार को मुरारी मार्किट सोलन में सिरमौर कल्याण मंच द्वारा हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार की 118वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय विचार गोष्ठी और कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे।
उपायुक्त ने कहा कि राजनीति के साथ-साथ साहित्य की विभिन्न धाराएं संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। साहित्य ज्ञान का बड़ा स्रोत है। प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार ने हिमाचल के विकास को दिशा देने के साथ-साथ पहाड़ की संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. परमार पहाड़ी संस्कृति से विशिष्ट लगाव रखते थे और उनका सदा यह प्रयास रहा कि पहाड़ की संस्कृति, लोक परंपराओं और हस्तशिल्प को विश्व में पहचान दी जाए। उन्होंने अपने सरल जीवन के माध्यम से हिमाचली संस्कृति की जानकारी लोगों तक पहुंचाई।
विज्ञापन
उपायुक्त ने इस अवसर पर केआर कश्यप द्वारा लिखित ‘सोलन जन-पद की लोक कथाएं’ पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर रक्तदान शिविर भी लगा। 60 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। उन्होंने इससे पूर्व डॉ. वाईएस परमार की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए।
विज्ञापन
जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, सिरमौर कल्याण मंच सोलन के अध्यक्ष प्रदीप, महासचिव यशपाल कपूर, उपाध्यक्ष एसएस परमार, बलदेव चौहान, गगन चौहान, सतपाल ठाकुर, वीरेंद्र कंवर, रमेश शर्मा, नरेंद्र चौहान, राजेंद्र थापा, रिचा शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित रहे।