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बारिश से एनएच पर दिन भर गिरते रहे पत्थर और मलबा
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हाईवे पर दत्यार के समीप पहाड़ दरकने से सड़क पर पहुंची चट्टान।
- फोटो : SOLAN
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर भारी बारिश के बीच लगातार पहाड़ियों से पत्थर गिर रहे हैं। इस कारण हाईवे से गुजर रहे वाहनों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दत्यार के समीप भारी मात्रा में भूस्खलन होने से करीब एक घंटे तक सुरक्षा को लेकर वनवे आवाजाही की गई।
हालांकि फोरलेन कंपनी की टीम ने मौके पर पहुंच मलबा और पत्थर हटाया। वहीं सोलन से परवाणू के बीच फोरलेन कंपनी की चार टीमें बारिश के बीच कार्य कर रही हैं। फोरलेन निर्माता कंपनी ने 10 किलोमीटर पर टीम तैनात की है।
इससे पहले भी कालका-शिमला एनएच पर कई दफा पहाड़ी दरक चुकी है। इससे मार्ग पूरी तरह बंद रहा है। हालांकि अभी तक इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है लेकिन लोगों को दत्यार के समीप वनवे ट्रैफिक से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को भी भारी बारिश से हाईवे पर कुछ स्थानों पर फोरलेन निर्माण के लिए काटी पहाड़ियों से छोटे-बड़े पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं।
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ये क्षेत्र अधिक संवेदनशील
रविवार को कई स्थानों पर पत्थर गिरने से वाहन बाल बाल बचे। हाईवे पर जिन स्थानों पर पहाड़ों से ज्यादा खतरा है। इनमें सनवारा, दत्यार, रेल फ्लाई ओवर के बीच पहाड़ से पत्थरों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। अन्य जगहों पर भी पहाड़ पर अटके हुए पत्थर अचानक हाईवे पर गिर रहे हैं।
कच्चे हो गए पहाड़
कालका-शिमला एनएच पर सोलन तक फोरलेन के लिए पहाड़ियों की कटिंग से पहाड़ कच्चे पड़ गए हैं। बारिश होते ही पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिरता है। बारिश के दौरान एनएच पर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही के लिए अतिसंवेदनशील है।
एनएच पर तैनात किए कर्मचारी
फोरलेन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बलविंद्र सिंह ने बताया कि नेशनल हाईवे के संवेदनशील क्षेत्रों पर कर्मचारियों को जेसीबी के साथ तैनात किया है। नेशनल हाईवे को सुचारु करने के लिए उचित व्यवस्था की गई है।
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हालांकि फोरलेन कंपनी की टीम ने मौके पर पहुंच मलबा और पत्थर हटाया। वहीं सोलन से परवाणू के बीच फोरलेन कंपनी की चार टीमें बारिश के बीच कार्य कर रही हैं। फोरलेन निर्माता कंपनी ने 10 किलोमीटर पर टीम तैनात की है।
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इससे पहले भी कालका-शिमला एनएच पर कई दफा पहाड़ी दरक चुकी है। इससे मार्ग पूरी तरह बंद रहा है। हालांकि अभी तक इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है लेकिन लोगों को दत्यार के समीप वनवे ट्रैफिक से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को भी भारी बारिश से हाईवे पर कुछ स्थानों पर फोरलेन निर्माण के लिए काटी पहाड़ियों से छोटे-बड़े पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं।
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ये क्षेत्र अधिक संवेदनशील
रविवार को कई स्थानों पर पत्थर गिरने से वाहन बाल बाल बचे। हाईवे पर जिन स्थानों पर पहाड़ों से ज्यादा खतरा है। इनमें सनवारा, दत्यार, रेल फ्लाई ओवर के बीच पहाड़ से पत्थरों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। अन्य जगहों पर भी पहाड़ पर अटके हुए पत्थर अचानक हाईवे पर गिर रहे हैं।
कच्चे हो गए पहाड़
कालका-शिमला एनएच पर सोलन तक फोरलेन के लिए पहाड़ियों की कटिंग से पहाड़ कच्चे पड़ गए हैं। बारिश होते ही पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिरता है। बारिश के दौरान एनएच पर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही के लिए अतिसंवेदनशील है।
एनएच पर तैनात किए कर्मचारी
फोरलेन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बलविंद्र सिंह ने बताया कि नेशनल हाईवे के संवेदनशील क्षेत्रों पर कर्मचारियों को जेसीबी के साथ तैनात किया है। नेशनल हाईवे को सुचारु करने के लिए उचित व्यवस्था की गई है।