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Solan News: प्रदेश के सभी अस्पतालों में टेस्ट को लेकर नए नियम लागू

Mon, 15 Jan 2024 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Mon, 15 Jan 2024 11:29 PM IST
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Krasna Lab controversy...on PTRF form

Tests will be held after signing
क्रस्ना लैब का पीटीआरएफ फाॅर्म। संवाद
क्रस्ना लैब विवाद : अब पीटीआरएफ फार्म पर हस्ताक्षर के बाद होंगे टेस्ट
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अभी तक चिकित्सक पर्ची पर ही लिख रहे थे टेस्ट
मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को जिले में व्यवस्था लागू करने के आदेश
आदित्य सोफत
सोलन। सरकार और क्रस्ना लैब के बीच चले विवाद के बीच स्वास्थ्य विभाग ने टेस्ट करवाने के नए नियम लागू कर दिए हैं। अब क्रस्ना लैब में होने वाले टेस्ट बिना पेथोलॉजी टेस्ट रिक्यूजिशन फार्म (पीटीआरएफ ) के नहीं होंगे। प्रदेश के सभी अस्पतालों में फार्म की व्यवस्था कर दी गई है।
जिले के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को भी इसे लागू करने के लिए कहा है। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों को भी आदेश दिए हैं कि वह इसी फार्म पर ही टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को लैब में भेजे। खास बात यह है कि फार्म में टेस्ट के आगे टिक करने के बाद चिकित्सक संख्या और साइन भी करेंगे। इससे पहले क्रस्ना लैब में इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं थी। केवल अस्पताल से मरीज को मिलने वाली पर्ची पर ही लिखे टेस्ट को टिक किया जाता था। इसके साथ कोई अन्य टेस्ट चिकित्सक ने करवाना होता था वह लिखा जाता था। इसके बाद मरीज क्रस्ना लैब में टेस्ट करवाने के लिए जाते थे। अब टेस्ट पर्ची पर नहीं लिखा जाएगा। वहीं टेस्ट को लेकर भी पारदर्शिता आएगी।
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गौरतलब है कि बीते सप्ताह प्रदेशभर के अस्पतालों में काम करने वाली क्रस्ना लैब की ओर से टेस्ट बंद कर दिए थे। लैब प्रबंधकों ने सरकार की ओर से राशि जारी न होने पर यह कदम उठाया था। करीब दो दिन तक अस्पतालों में मरीजों को क्रस्ना लैब की ओर से टेस्ट सुविधा नहीं दी गई थी। इससे मरीजाें को काफी दिक्कतें आई थी। इसे देखते हुए सरकार और लैब प्रबंधकों के बीच वार्ता हुई और पुन: टेस्ट शुरू हुए थे। इसी विवाद के बीच अब विभाग ने लैब में टेस्ट करवाने के लिए पीटीआरएफ देना अनिवार्य कर दिया है।
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इसलिए भी हुआ जरूरी
बताया जाता है कि अस्पतालों में चिकित्सकों की ओर से कई बार रक्त टेस्ट लिखे जाते थे। लेकिन क्रस्ना लैब की ओर सभी रक्त टेस्ट किए जा रहे थे। ऐसे में आवश्यक टेस्ट की रिपोर्ट भी देरी से प्राप्त हो रही थी। इसे देखते हुए भी पीटीआर फार्म आवश्यक किया है। इसके तहत वही टेस्ट किए जाएंगे जिन पर चिकित्सक टिक करेंगे।

पंजीकरण करना भी होगा आसान
क्रस्ना लैब की ओर से मरीजों के टेस्ट करवाने के लिए अब पंजीकरण करना भी आसान होगा। इससे पहले कई बार पर्ची को फोटोस्टेट करना पड़ता था। ऐसे में बाहर कतारें लग जाती थीं। काम भी धीमी गति से होता था। इन सब चीजों से अब छुटकारा मिल जाएगा। पीटीआर फार्म के मुताबिक ही लैब में हुए टेस्ट का बिल बनेगा।

सभी चिकित्सकों को फार्म आवंटित


अस्पताल में क्रस्ना लैब में टेस्ट करवाने के लिए पीटीआर फार्म चिकित्सकों को देना होगा। इसके लिए अस्पताल में सभी चिकित्सकों को फार्म दे दिए गए हैं। इसमें तीन फार्म है। अलग-अलग कॉपी के मुताबिक ही काम किया जाएगा। इससे लैब के पंजीकरण काउंटर पर भी भीड़ कम होगी।
-डॉ. एसएल वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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