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बारिश से कालका-शिमला एनएच पर पहाडिय़ां दरकने का खतरा बढ़ा
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एनएच पर पहाड़ी दरकने वाले संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के तहत खड़ी की गई जेसीबी।
- फोटो : SOLAN
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सोलन। कालका-शमिला एनएच पर भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में पहाड़ियां दरकने का खतरा बढ़ गया है। इसके चलते एनएच पर फोरलेन कार्य कर रही कंपनी की ओर से संभावित क्षेत्रों में जेसीबी, हाइड्रा समेत कर्मचारियों की टीम तैनात कर दी गई है।
एनएच पर तंबू मोड़, सनवारा समेत सोलन बाईपास में फोरलेन के लिए पहाड़ियों की कटिंग से पहाड़ कच्चे पड़ गए हैं। वहीं, बारिश होते ही पहाड़ों से पत्थर सहित मलबा गिरता रहता है। इससे कई बार मार्ग पूरी तरह से बंद होने की भी संभावना रहती है।
जानकारी के अनुसार सोमवार को भी कालका-शिमला एनएच पर पहाड़ियां दरकी हैं। इससे मार्ग को भी कई जगह वन वे करना पड़ा था। हालांकि अभी तक इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
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मंगलवार को भी भारी बारिश के कारण हाईवे पर कुछ स्थानों पर फोरलेन निर्माण के लिए काटी गई पहाड़ियों से छोटे-बड़े पत्थर आफत बनकर सड़क पर गिरते रहे। इसके अलावा चक्की मोड़ से लेकर तंबू मोड़ और दत्यार तक पहाड़ दरकने का खतरा बना हुआ है। पहाड़ पर अटके हुए पत्थर अचानक हाईवे पर गिर सकते हैं।
सुरक्षा का रखा जा रहा पूरा ध्यान
फोरलेन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बलविंद्र सिंह ने बताया कि हाईवे के संवदेनशील क्षेत्रों पर कर्मचारियों को जेसीबी के साथ तैनात किया गया है। वहीं, हाईवे पर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को फोरलेन कंपनी की ओर से संवदेनशील क्षेत्रों की जानकारी प्रदान करने के लिए सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं। मार्ग को सुचारु रूप से चलाने के लिए उचित व्यवस्था कर ली गई है।
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एनएच पर तंबू मोड़, सनवारा समेत सोलन बाईपास में फोरलेन के लिए पहाड़ियों की कटिंग से पहाड़ कच्चे पड़ गए हैं। वहीं, बारिश होते ही पहाड़ों से पत्थर सहित मलबा गिरता रहता है। इससे कई बार मार्ग पूरी तरह से बंद होने की भी संभावना रहती है।
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जानकारी के अनुसार सोमवार को भी कालका-शिमला एनएच पर पहाड़ियां दरकी हैं। इससे मार्ग को भी कई जगह वन वे करना पड़ा था। हालांकि अभी तक इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
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मंगलवार को भी भारी बारिश के कारण हाईवे पर कुछ स्थानों पर फोरलेन निर्माण के लिए काटी गई पहाड़ियों से छोटे-बड़े पत्थर आफत बनकर सड़क पर गिरते रहे। इसके अलावा चक्की मोड़ से लेकर तंबू मोड़ और दत्यार तक पहाड़ दरकने का खतरा बना हुआ है। पहाड़ पर अटके हुए पत्थर अचानक हाईवे पर गिर सकते हैं।
सुरक्षा का रखा जा रहा पूरा ध्यान
फोरलेन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बलविंद्र सिंह ने बताया कि हाईवे के संवदेनशील क्षेत्रों पर कर्मचारियों को जेसीबी के साथ तैनात किया गया है। वहीं, हाईवे पर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को फोरलेन कंपनी की ओर से संवदेनशील क्षेत्रों की जानकारी प्रदान करने के लिए सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं। मार्ग को सुचारु रूप से चलाने के लिए उचित व्यवस्था कर ली गई है।