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जेबीटी शिक्षक ही पढ़ाएंगे प्री-प्राइमरी कक्षाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के लिए नए अध्यापकों की तैनाती नहीं होने तक जेबीटी शिक्षक ही पढ़ाएंगे। संबंधित शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। डाइट में जेबीटी शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाए जा रहे हैं।
छोटी कक्षाओं के बच्चों को खेल-खेल में और रोचक तरीके से पढ़ाने के टिप्स दिए जा रहे हैं। जिले के 264 स्कूलों में प्री-प्राइमरी चल रही है। अब 107 नए स्कूलों को जोड़ने की कवायद भी शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार प्री-प्राइमरी कक्षाओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों का बुनियादी स्तर मजबूत करना है। हालांकि अभी तक इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अब वैकल्पिक तौर पर जेबीटी शिक्षकों को पढ़ाने का जिम्मा देने का निर्णय लिया गया है।
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जेबीटी शिक्षकों को इसके लिए तैयार किया जा रहा है। एनसीईआरटी प्री-प्राइमरी के लिए पाठन सामग्री मुहैया करवा रही है। अध्यापकों को मोबाइल के जरिये भी विषय भेजे जा रहे हैं। जिले में 1164 बच्चों ने प्री-प्राइमरी स्कूलों में प्रवेश लिया है।
उधर, डाइट सोलन प्रधानाचार्य एवं जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा चंद्र मोहन ने बताया कि प्री-प्राइमरी स्कूलों में जेबीटी शिक्षक ही बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि छोटे बच्चों की पढ़ाई रोचक और आसान बन सकें।
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सोलन। जिले में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के लिए नए अध्यापकों की तैनाती नहीं होने तक जेबीटी शिक्षक ही पढ़ाएंगे। संबंधित शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। डाइट में जेबीटी शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाए जा रहे हैं।
छोटी कक्षाओं के बच्चों को खेल-खेल में और रोचक तरीके से पढ़ाने के टिप्स दिए जा रहे हैं। जिले के 264 स्कूलों में प्री-प्राइमरी चल रही है। अब 107 नए स्कूलों को जोड़ने की कवायद भी शुरू हो गई है।
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जानकारी के अनुसार प्री-प्राइमरी कक्षाओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों का बुनियादी स्तर मजबूत करना है। हालांकि अभी तक इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अब वैकल्पिक तौर पर जेबीटी शिक्षकों को पढ़ाने का जिम्मा देने का निर्णय लिया गया है।
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जेबीटी शिक्षकों को इसके लिए तैयार किया जा रहा है। एनसीईआरटी प्री-प्राइमरी के लिए पाठन सामग्री मुहैया करवा रही है। अध्यापकों को मोबाइल के जरिये भी विषय भेजे जा रहे हैं। जिले में 1164 बच्चों ने प्री-प्राइमरी स्कूलों में प्रवेश लिया है।
उधर, डाइट सोलन प्रधानाचार्य एवं जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा चंद्र मोहन ने बताया कि प्री-प्राइमरी स्कूलों में जेबीटी शिक्षक ही बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि छोटे बच्चों की पढ़ाई रोचक और आसान बन सकें।