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Solan News: कोड लेने के बाद भी नहीं मिला गैस सिलिंडर, रिकॉर्ड में हुई डिलीवरी
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प्रशासन से एजेंसी पर कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। हरिपुर संडोली के पूर्व प्रधान भाग सिंह कुंडल ने गैस वितरण प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कुंडल ने बताया कि उन्होंने घरेलू गैस सिलिंडर बुक करवाया था। इसके बाद उन्हें मोबाइल पर डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) प्राप्त हुआ। आरोप है कि गैस डिलीवरी कर्मी ने सिलिंडर सौंपने से पहले ही उनसे यह कोड प्राप्त कर लिया। उपभोक्ता के विश्वास में आकर कोड साझा करने के बाद, जब वह सिलिंडर लेने पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनके नाम का सिलिंडर पहले ही डिलीवर किया जा चुका है।
कुंडल ने कहा कि सिलिंडर उनके घर तक पहुंचा ही नहीं था, जबकि मोबाइल पर गैस डिलीवरी पूर्ण होने का संदेश मिल गया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिले बिना ही डिलीवरी दर्ज कर देना उनके अधिकारों के साथ खिलवाड़ है। इस मामले पर भारत गैस एजेंसी के प्रबंधक ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि जांच में यह डिलीवरी करने वाले कर्मचारी की गलती से हुआ है। प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि गैस सिलिंडर प्राप्त करने से पहले किसी भी व्यक्ति को डीएसी कोड साझा न करें, क्योंकि यह एक सुरक्षा उपाय है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। हरिपुर संडोली के पूर्व प्रधान भाग सिंह कुंडल ने गैस वितरण प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कुंडल ने बताया कि उन्होंने घरेलू गैस सिलिंडर बुक करवाया था। इसके बाद उन्हें मोबाइल पर डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) प्राप्त हुआ। आरोप है कि गैस डिलीवरी कर्मी ने सिलिंडर सौंपने से पहले ही उनसे यह कोड प्राप्त कर लिया। उपभोक्ता के विश्वास में आकर कोड साझा करने के बाद, जब वह सिलिंडर लेने पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनके नाम का सिलिंडर पहले ही डिलीवर किया जा चुका है।
कुंडल ने कहा कि सिलिंडर उनके घर तक पहुंचा ही नहीं था, जबकि मोबाइल पर गैस डिलीवरी पूर्ण होने का संदेश मिल गया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिले बिना ही डिलीवरी दर्ज कर देना उनके अधिकारों के साथ खिलवाड़ है। इस मामले पर भारत गैस एजेंसी के प्रबंधक ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि जांच में यह डिलीवरी करने वाले कर्मचारी की गलती से हुआ है। प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि गैस सिलिंडर प्राप्त करने से पहले किसी भी व्यक्ति को डीएसी कोड साझा न करें, क्योंकि यह एक सुरक्षा उपाय है।
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