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Solan News: ओपन महिला कबड्डी में हिमाचल टीम का हिस्सा रही चायल की विशाखा
Wed, 20 Dec 2023 11:13 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Wed, 20 Dec 2023 11:13 PM IST
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कबड्डी खिलाड़ी विशाखा। संवाद
अब तक खेल चुकी कई बार नेशनल, वन रक्षक के पद पर दे रही सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल (सोलन)। हाल ही में हरियाणा के रोपड़ में हुई ओपन महिला कबड्डी प्रतियोगिता में हिमाचल की टीम ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं इस कबड्डी टीम में चायल क्षेत्र की ग्राम पंचायत दंगील के गणिजा गांव की किसान की बेटी विशाखा शामिल रही। विशाखा ने अपनी आठवीं कक्षा की पढ़ाई दंगील विद्यालय से की। इस दौरान उसने कबड्डी का खेल अध्यापक स्वर्गीय राजेश कुमार व गणित अध्यापक मोहनलाल से सीखा। वहीं आठवीं कक्षा में ही विशाखा ने कबड्डी में नेशनल खेला।
उसके बाद 12वीं की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डोल के जुब्बड़ से की और हर साल नेशनल खेलती रही। वर्ष 2015 में विशाखा का चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया धर्मशाला के लिए हुआ। वर्ष 2017 में उसने अंडर-20 खेला और स्वर्ण पदक जीता। अपनी कॉलेज की पढ़ाई भी धर्मशाला से ही पूरी की।
वर्ष 2020 में ही उसका चयन वन विभाग में वन रक्षक के पद पर हो गया। अब वह वन विभाग चायल में वन रक्षक के पद पर कार्यरत हैं। विशाखा ने अपनी इस उपलपब्धि का श्रेय अपनी माता पुष्पा मेहता को दिया। साथ ही उसने कहा कि वन मंडल अधिकारी सोलन, वन परिक्षेत्र चायल के अनिल ठाकुर व ब्लॉक ऑफिसर विद्यानंद का भी योगदान रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चायल (सोलन)। हाल ही में हरियाणा के रोपड़ में हुई ओपन महिला कबड्डी प्रतियोगिता में हिमाचल की टीम ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं इस कबड्डी टीम में चायल क्षेत्र की ग्राम पंचायत दंगील के गणिजा गांव की किसान की बेटी विशाखा शामिल रही। विशाखा ने अपनी आठवीं कक्षा की पढ़ाई दंगील विद्यालय से की। इस दौरान उसने कबड्डी का खेल अध्यापक स्वर्गीय राजेश कुमार व गणित अध्यापक मोहनलाल से सीखा। वहीं आठवीं कक्षा में ही विशाखा ने कबड्डी में नेशनल खेला।
उसके बाद 12वीं की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डोल के जुब्बड़ से की और हर साल नेशनल खेलती रही। वर्ष 2015 में विशाखा का चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया धर्मशाला के लिए हुआ। वर्ष 2017 में उसने अंडर-20 खेला और स्वर्ण पदक जीता। अपनी कॉलेज की पढ़ाई भी धर्मशाला से ही पूरी की।
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वर्ष 2020 में ही उसका चयन वन विभाग में वन रक्षक के पद पर हो गया। अब वह वन विभाग चायल में वन रक्षक के पद पर कार्यरत हैं। विशाखा ने अपनी इस उपलपब्धि का श्रेय अपनी माता पुष्पा मेहता को दिया। साथ ही उसने कहा कि वन मंडल अधिकारी सोलन, वन परिक्षेत्र चायल के अनिल ठाकुर व ब्लॉक ऑफिसर विद्यानंद का भी योगदान रहा है।
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