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Solan News: पट्टा बरोरी पंचायत टीबी मुक्त घोषित, मिला कांस्य पदक
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बीएमओ धर्मपुर ने किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। टीबी मुक्त अभियान के तहत ग्राम पंचायत पट्टा बरोरी को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के लिए ग्राम पंचायत को वर्ष 2025-26 के लिए कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। खंड चिकित्सा अधिकारी परविंदर सिंह ने पट्टा बरोरी को यह कांस्य पदक प्रदान किया।
परविंदर सिंह ने बताया कि टीबी एक जानलेवा बीमारी है। हालांकि, समय पर इसकी पहचान और उचित उपचार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। उन्होंने टीबी के प्रमुख लक्षणों की जानकारी दी। इनमें लंबे समय से खांसी रहना, हल्का बुखार होना और सोते समय पसीना आना शामिल हैं। भूख कम लगना, वजन कम होना तथा कमजोरी महसूस होना भी इसके लक्षण हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि टीबी की जांच और उपचार स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क उपलब्ध करवाया जाता है। टीबी रोगी को दवाइयां का पूरा कोर्स नियमित रूप से लेना चाहिए। सरकार की ओर से मरीजों को डीबीटी के माध्यम से पोषण सहायता राशि भी प्रदान की जाती है।
परविंदर सिंह ने टीबी के प्रमुख लक्षणों पर प्रकाश डाला। इनमें लंबे समय तक खांसी, हल्का बुखार और रात में पसीना आना शामिल हैं। भूख कम लगना, वजन घटना और कमजोरी भी इसके संकेत हैं। लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर सलाह लेनी चाहिए। टीबी की जांच और उपचार स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क उपलब्ध है।
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उन्होंने आमजन से टीबी को न छिपाने की अपील की। परविंदर सिंह ने समय पर जांच करवाने और उपचार पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टीबी को छिपाएं नहीं, बताएं और इलाज करवाएं। उन्होंने आगे कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही हिमाचल को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है। उनका नारा था टीबी हारेगा, हिमाचल जीतेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। टीबी मुक्त अभियान के तहत ग्राम पंचायत पट्टा बरोरी को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के लिए ग्राम पंचायत को वर्ष 2025-26 के लिए कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। खंड चिकित्सा अधिकारी परविंदर सिंह ने पट्टा बरोरी को यह कांस्य पदक प्रदान किया।
परविंदर सिंह ने बताया कि टीबी एक जानलेवा बीमारी है। हालांकि, समय पर इसकी पहचान और उचित उपचार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। उन्होंने टीबी के प्रमुख लक्षणों की जानकारी दी। इनमें लंबे समय से खांसी रहना, हल्का बुखार होना और सोते समय पसीना आना शामिल हैं। भूख कम लगना, वजन कम होना तथा कमजोरी महसूस होना भी इसके लक्षण हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि टीबी की जांच और उपचार स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क उपलब्ध करवाया जाता है। टीबी रोगी को दवाइयां का पूरा कोर्स नियमित रूप से लेना चाहिए। सरकार की ओर से मरीजों को डीबीटी के माध्यम से पोषण सहायता राशि भी प्रदान की जाती है।
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परविंदर सिंह ने टीबी के प्रमुख लक्षणों पर प्रकाश डाला। इनमें लंबे समय तक खांसी, हल्का बुखार और रात में पसीना आना शामिल हैं। भूख कम लगना, वजन घटना और कमजोरी भी इसके संकेत हैं। लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर सलाह लेनी चाहिए। टीबी की जांच और उपचार स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क उपलब्ध है।
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उन्होंने आमजन से टीबी को न छिपाने की अपील की। परविंदर सिंह ने समय पर जांच करवाने और उपचार पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टीबी को छिपाएं नहीं, बताएं और इलाज करवाएं। उन्होंने आगे कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही हिमाचल को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है। उनका नारा था टीबी हारेगा, हिमाचल जीतेगा।