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Solan News: एक घंटा अतिरिक्त सैंपल लेंगे सरकारी लैब कर्मी
Thu, 11 Jan 2024 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 11 Jan 2024 11:30 PM IST
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सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल में खाली पड़ी क्रस्ना लैब। संवाद
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क्रस्ना लैब ने दूसरे दिन नहीं दी टेस्ट की कोई सुविधा
सरकारी लैब ने संभाली रखी कमान, लगी रहीं लंबी कतारें
दोपहर बाद मरीजों को निजी क्लीनिकों में करवाने पड़े टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के क्षेत्रीय अस्पताल में क्रस्ना लैब की ओर से टेस्ट सुविधा न देने के बाद सरकारी लैब ने कमान संभाल ली है। सरकारी लैब के कर्मचारियों को अस्पताल प्रशासन की ओर से एक घंटा अतिरिक्त सैंपल कलेक्ट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अब कर्मचारी 12:00 बजे की बजाए 1:00 बजे तक मरीजों के सैंपल लेंगे और इसके बाद जांच शुरू होगी। वहीं तीन बजे के बाद मरीजों को रिपोर्ट भी मिलनी शुरू हो जाएगी।
वीरवार को भी अस्पताल में निजी क्रस्ना लैब में मरीजों को सुविधा नहीं दी गई। इस कारण मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी लैब के बाहर अधिक भीड़ लगी रही। ऐसे में कई मरीजों को बाहरी लैब में टेस्ट करवाने लिए मजबूर होना पड़ा।
वहीं जिले के अन्य अस्पताल में भी क्रस्ना लैब ने दूसरे दिन कोई सैंपल नहीं लिया और न ही जांच की। इस कारण जिले के सामुदायिक अस्पतालों, सिविल अस्पताल और पीएचसी अस्पताल में भी लोगों को परेशान होना पड़ा। अस्पताल में सभी टेस्ट न होने से मरीजों को निजी लैब का रुख करना पड़ा। जहां पर मरीजों को अधिक दामों में टेस्ट करवाने पड़े।
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गौर रहे कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के टेस्ट कर रही क्रस्ना लैब की सरकार ने बीते छह माह से भुगतान नहीं किया है। इसके चलते मंगलवार रात 12:00 बजे से लैब प्रबंधकों ने मरीजों के सभी तरह के टेस्ट बंद कर दिए। बताया जा रहा है कि प्रदेशभर में क्रस्ना लैब की करीब 40 करोड़ रुपये की राशि सरकार के पास लंबित है। जब तक इसका सरकार भुगतान नहीं करती है तब तक क्रस्ना लैब कार्य नहीं करेगी। जिसका सीधा असर मरीजों पर पड़ा है। अब लैब के सुविधा न देने से सरकारी लैब का बोझ भी बढ़ गया।
इनसेट
कई प्रकार के टेस्ट होते थे मुफ्त
प्रदेशभर के अस्पतालों में सरकारी लैब के साथ-साथ मरीजों को क्रस्ना लैब भी सुविधा दे रही है। लैब में भी 24 घंटे मरीजों को टेस्ट की सुविधा थी। वहीं कई टेस्ट मरीजों के मुफ्त में होते थे। लेकिन क्रस्ना लैब इस टेस्ट का पैसा सरकार से लेती थी। सरकार के पास लैब का काफी बकाया हो गया और काफी समय से इसका भुगतान भी नहीं हो पाया है। जिसके बाद लैब प्रबंधकों को टेस्ट न करने का निर्णय लेना पड़ा।
इनसेट
क्रस्ना लैब की ओर से टेस्ट सुविधा न देने के बाद सरकारी प्रयोगशाला में कार्य कर रहे कर्मचारियों को एक घंटा अतिरिक्त सैंपल लेने के लिए कहा है। मरीजों को कोई दिक्कत न आए इसके लिए अस्पताल ध्यान रख रहा है। आपातस्थिति में भी सैंपल लेने के लिए कहा है।
-डॉ. एसएल वर्मा
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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सरकारी लैब ने संभाली रखी कमान, लगी रहीं लंबी कतारें
दोपहर बाद मरीजों को निजी क्लीनिकों में करवाने पड़े टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के क्षेत्रीय अस्पताल में क्रस्ना लैब की ओर से टेस्ट सुविधा न देने के बाद सरकारी लैब ने कमान संभाल ली है। सरकारी लैब के कर्मचारियों को अस्पताल प्रशासन की ओर से एक घंटा अतिरिक्त सैंपल कलेक्ट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अब कर्मचारी 12:00 बजे की बजाए 1:00 बजे तक मरीजों के सैंपल लेंगे और इसके बाद जांच शुरू होगी। वहीं तीन बजे के बाद मरीजों को रिपोर्ट भी मिलनी शुरू हो जाएगी।
वीरवार को भी अस्पताल में निजी क्रस्ना लैब में मरीजों को सुविधा नहीं दी गई। इस कारण मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी लैब के बाहर अधिक भीड़ लगी रही। ऐसे में कई मरीजों को बाहरी लैब में टेस्ट करवाने लिए मजबूर होना पड़ा।
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वहीं जिले के अन्य अस्पताल में भी क्रस्ना लैब ने दूसरे दिन कोई सैंपल नहीं लिया और न ही जांच की। इस कारण जिले के सामुदायिक अस्पतालों, सिविल अस्पताल और पीएचसी अस्पताल में भी लोगों को परेशान होना पड़ा। अस्पताल में सभी टेस्ट न होने से मरीजों को निजी लैब का रुख करना पड़ा। जहां पर मरीजों को अधिक दामों में टेस्ट करवाने पड़े।
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गौर रहे कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के टेस्ट कर रही क्रस्ना लैब की सरकार ने बीते छह माह से भुगतान नहीं किया है। इसके चलते मंगलवार रात 12:00 बजे से लैब प्रबंधकों ने मरीजों के सभी तरह के टेस्ट बंद कर दिए। बताया जा रहा है कि प्रदेशभर में क्रस्ना लैब की करीब 40 करोड़ रुपये की राशि सरकार के पास लंबित है। जब तक इसका सरकार भुगतान नहीं करती है तब तक क्रस्ना लैब कार्य नहीं करेगी। जिसका सीधा असर मरीजों पर पड़ा है। अब लैब के सुविधा न देने से सरकारी लैब का बोझ भी बढ़ गया।
इनसेट
कई प्रकार के टेस्ट होते थे मुफ्त
प्रदेशभर के अस्पतालों में सरकारी लैब के साथ-साथ मरीजों को क्रस्ना लैब भी सुविधा दे रही है। लैब में भी 24 घंटे मरीजों को टेस्ट की सुविधा थी। वहीं कई टेस्ट मरीजों के मुफ्त में होते थे। लेकिन क्रस्ना लैब इस टेस्ट का पैसा सरकार से लेती थी। सरकार के पास लैब का काफी बकाया हो गया और काफी समय से इसका भुगतान भी नहीं हो पाया है। जिसके बाद लैब प्रबंधकों को टेस्ट न करने का निर्णय लेना पड़ा।
इनसेट
क्रस्ना लैब की ओर से टेस्ट सुविधा न देने के बाद सरकारी प्रयोगशाला में कार्य कर रहे कर्मचारियों को एक घंटा अतिरिक्त सैंपल लेने के लिए कहा है। मरीजों को कोई दिक्कत न आए इसके लिए अस्पताल ध्यान रख रहा है। आपातस्थिति में भी सैंपल लेने के लिए कहा है।
-डॉ. एसएल वर्मा
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन