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पेंशनरों की मांगों को नजरअंदाज कर रही सरकार : जिया

Tue, 06 Oct 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:55 PM IST
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Government ignoring the demands of pensioners
सोलन के पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन पट्टा महलोग इकाई की मासिक बैठक के दौरान मौजूद स
पट्टा महलोग में पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन की बैठक
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन पट्टा महलोग इकाई की मासिक बैठक सोमवार को अध्यक्ष जिया लाल ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभ और अन्य मांगों को लेकर सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया गया। पेंशनरों ने सरकार से लंबित देय भत्तों और अन्य वित्तीय लाभों का जल्द भुगतान करने की मांग की।
बैठक में वक्ताओं ने छठे वेतन आयोग के तहत निर्धारित एरियर की चतुर्थ और तृतीय श्रेणी से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पूरी राशि का भुगतान करने के लिए सरकार का आभार जताया। साथ ही कहा कि जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के कई वित्तीय लाभ अभी भी लंबित हैं। इनमें लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और कम्यूटेशन से संबंधित लाखों रुपये की राशि शामिल है।
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वक्ताओं ने कहा कि पेंशन एरियर का भुगतान सरकार की ओर से 20, 15, 30 और 35 प्रतिशत की चार किश्तों में किया गया है। अध्यक्ष जिया लाल ठाकुर ने कहा कि सरकार एक ओर प्रदेश की वित्तीय स्थिति मजबूत होने और पेंशनरों के देय लाभ क्रमबद्ध तरीके से जारी करने का दावा कर रही है, वहीं जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित लाभों का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भुगतान क्रमबद्ध तरीके से किया जा रहा है तो सेवानिवृत्ति की तिथि के आधार पर प्राथमिकता क्यों नहीं तय की गई।
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उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सभी कर्मचारी पेंशनर होते हैं, इसलिए पेंशनरों को उम्र या पद के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में नहीं बांटा जाना चाहिए। संगठन ने सरकार से राज्य के पेंशनरों को लंबित 15 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त जल्द जारी करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि राज्य के पेंशनरों को केंद्रीय पेंशनरों की तुलना में 15 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता मिल रहा है, जिससे उन्हें हर माह करीब पांच से 12 हजार रुपये तक कम राशि प्राप्त हो रही है।
संगठन ने वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। पदाधिकारियों ने कहा कि कई वरिष्ठ नागरिकों को पिछले आठ से दस माह से वृद्धावस्था और विधवा पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है। सरकार से इस मामले में उचित दिशा-निर्देश जारी कर लंबित पेंशन का भुगतान करवाने की मांग की गई।
बैठक में क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र की करीब 27-28 पंचायतों के लिए सीएचसी चंडी और सीएचसी पट्टा दो प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान हैं, लेकिन दोनों में अभी तक सीएचसी स्तर के अनुरूप पर्याप्त स्टाफ के पद सृजित नहीं किए गए हैं। संगठन ने दोनों स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक पद सृजित कर स्टाफ उपलब्ध करवाने की मांग की, ताकि लोगों को घर-द्वार के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
इसके अलावा पेंशनरों के लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान करने और 5, 10 व 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि को मूल वेतन में समायोजित करने से संबंधित लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने की मांग की गई। बैठक के अंत में सरकार से जल्द संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) का गठन कर पेंशनरों को वार्ता के लिए बुलाने की मांग की गई, ताकि उनके विभिन्न मसलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान हो सके।

बैठक में देवकरण कौशल, एआर भाटिया, गुलाब सिंह ठाकुर, सीताराम, धर्म सिंह, बृज लाल, लच्छी राम, लक्ष्मी राम, संदीप शर्मा, कली राम, रतिराम धारड़ी, पप्पी राम, रतिराम बनोई, हीरा सिंह ठाकुर, रामदास और संत राम शर्मा सहित अन्य पेंशनर मौजूद रहे।
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