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नाचो मेरे गरबड़ियों से गूंजा बीबीएन
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बद्दी (सोलन)। गरबड़े का त्योहार बीबीएन में धूमधाम से मनाया गया। शरद पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाले इस पर्व पर स्वास्थ्य और धन वृद्धि के लिए लक्ष्मी माता से कामना की गई।
मान्यता के अनुसार देवी लक्ष्मी का जन्म शरद पूर्णिमा पर हुआ था और गरबड़ा पर्व मनाने से घर में धन और समृद्धि आती है। श्रीमद्भागवत के अनुसार भगवान कृष्ण-राधा और गोपियों की प्रसिद्ध रास लीला भी शरद पूर्णिमा की रात को हुई थी।
दून के वार्ड दो निवासी बीरबल दास ने बताया कि गरबड़े के दिन परिवार के सदस्यों ने भगवान की पूजा कर शुद्ध शाकाहारी भोजन अर्पित कर ब्राह्मणों और कुम्हारों को भोजन परोसा गया। इसके बाद परिवार के सदस्यों को भोजन बांटा। उसके बाद गरबड़ों में सिक्के डाले गए।
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वार्ड दो निवासी विकास जंवाल, कृष्ण कुमार, सचिन कुमार, दीपू पंडित, हरनेक ठाकुर, बेअंत ठाकुर ने बताया कि बच्चे पूरे गांव में गरबड़े लेकर घूमे और हर घर में जाकर गरबड़ियां की रात आई नाचो मेरे गरबड़ियों गीत गाकर सुख-समृद्धि की कामना की गई।
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मान्यता के अनुसार देवी लक्ष्मी का जन्म शरद पूर्णिमा पर हुआ था और गरबड़ा पर्व मनाने से घर में धन और समृद्धि आती है। श्रीमद्भागवत के अनुसार भगवान कृष्ण-राधा और गोपियों की प्रसिद्ध रास लीला भी शरद पूर्णिमा की रात को हुई थी।
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दून के वार्ड दो निवासी बीरबल दास ने बताया कि गरबड़े के दिन परिवार के सदस्यों ने भगवान की पूजा कर शुद्ध शाकाहारी भोजन अर्पित कर ब्राह्मणों और कुम्हारों को भोजन परोसा गया। इसके बाद परिवार के सदस्यों को भोजन बांटा। उसके बाद गरबड़ों में सिक्के डाले गए।
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वार्ड दो निवासी विकास जंवाल, कृष्ण कुमार, सचिन कुमार, दीपू पंडित, हरनेक ठाकुर, बेअंत ठाकुर ने बताया कि बच्चे पूरे गांव में गरबड़े लेकर घूमे और हर घर में जाकर गरबड़ियां की रात आई नाचो मेरे गरबड़ियों गीत गाकर सुख-समृद्धि की कामना की गई।