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बिना आक्यूपेशन सर्टिफिकेट के करोड़ों के फ्लैट्स की हुई खरीद-फरोख्त
अमर उजाला सोलन
Updated Tue, 17 May 2016 11:41 AM IST
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बिल्डरों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत से सोलन में अपार्टमेंट एक्ट की धज्जियां उड़ाई गई हैं।
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बिल्डरों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत से सोलन में अपार्टमेंट एक्ट की धज्जियां उड़ाई गई हैं। चांदी कूटने के चक्कर में कुछ बिल्डरों ने अफसरों से मिलकर बिना नगर नियोजन विभाग से आक्यूपेशन सर्टिफिकेट लिए बड़े पैमाने पर फ्लैट्स की खरीद फरोख्त की है। करोड़ों के इस खेल में न केवल अप्रूव नक्शों के तय मानकों को दरकिनार किया गया है, बल्कि अतिक्रमण भी दिल खोल कर हुआ है।
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यही नहीं शहर में भवन मालिक नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर सरकार को करोड़ों की चपत भी लगा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि फ्लैट्स के नाम पर हो रहे गोलमाल में न केवल बिल्डर, बल्कि अधिकारी भी बराबर के हिस्सेदार हैं। बिना आक्यूपेशन सर्टिफिकेट के नप और बिजली बोर्ड की ओर से पानी और बिजली के कनेक्शन जारी करने पर भी सवालिया निशान उठ रहे हैं। इस संदर्भ में शिकायत टीसीपी निदेशक और जिला उपायुक्त सोलन को भी की गई है।
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18 मई, 2015 के बाद निदेशालय से आर्डर हैं कि बिना आक्यूपेशन सर्टिफिकेट के कोई भी अपार्टमेंट कॉलोनी की रजिस्ट्रेशन न हो। आरटीआई के तहत तीन मशहूर अपार्टमेंट्स में रजिस्ट्रियों का ब्योरा मांगा गया। राजस्व विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2015 के अंत तक 14 रजिस्ट्रियां हुई हैं। इसमें किसी को भी निदेशालय द्वारा सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है। इस दौरान निदेशालय से जिला में महज पांच आक्यूपेशन सर्टिफिकेट जारी हुए हैं। इसमें शहर का कोई भी बिल्डर शामिल नहीं है, जो रजिस्ट्रियां हुई हैं, वे बीबीएन में हुई हैं।
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बिल्डरों और अधिकारियों की मिलीभगत से यह कार्य पिछले काफी समय से चल रहा है। हालांकि अनैतिक रूप से बनाए गए इन फ्लैटस की सेल डीड को निरस्त करने की मांग भी उठने लगी है। वहीं बिल्डरों द्वारा पानी, बिजली, सैनिटेशन टेक्स की अदायगी नहीं करने के चलते सोलन नगर परिषद को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आक्यूपेशन प्रमाण पत्र टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) विभाग द्वारा जारी किया जाता है। इसमें तय किया जाता है कि अप्रूव नक्शे के मुताबिक ही अपार्टमेंट और फ्लैट्स का निर्माण हुआ है या नहीं। इसके बाद भवन मालिक को ब्लॉक या अपार्टमेंट का कब्जा मिल जाता है। इसके बाद ही फ्लैट्स बेचे जा सकते हैं। इसी प्रमाण पत्र के जरिये नगर परिषद और बिजली बोर्ड द्वारा बिजली, पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए एनओसी जारी किया जाता है। नगर परिषद को सीवरेज लाइन बिछाने में भी दिक्कतें पेश आ रही हैं। पार्किंग, पार्क, सराय भवन के आसपास की जमीन पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है। लेकिन राजस्व रिकार्ड उपलब्ध नहीं होने से इसे रोकना मुश्किल हो गया है।
नहीं बेच सकते फ्लैट : ईके शर्मा
डायरेक्टर ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के योजना अधिकारी ईके शर्मा ने बताया कि निजी या फिर किसी भी तरह के भवन के निर्माण के बाद डायरेक्टर टीसीपी की ओर से आक्यूपेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करना जरूरी होता है। अगर कोई भवन या फ्लैट मालिक इन औपचारिकताओं को पूरा नहीं करता है, तो विभाग की ओर से कार्रवाई की जाती है। ऐसे मामलों पर सख्ती से निपटेंगे।
ओसी के बगैर पानी और बिजली नहीं मिलेगी : पवन गुप्ता
सोलन नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने बताया कि बिना आक्यूपेशन सर्टिफिकेट के नप की ओर से पानी और बिजली का कनेक्श्न नहीं दिया जाता है। यह ओसी टीसीपी द्वारा जारी की जाती है। लेकिन अगर कुछ बिल्डरों द्वारा अधिकारियों की मिलीभगत से यह कनेक्श्न प्राप्त किए गए हैं तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। निर्देशानुसार कुछ बिल्डरों ने पानी के लिए बोरवेल किए हुए हैं। जबकि बड़े अपार्टमेंट में खुद के ट्रांसफार्मर बिजली के लिए लगाए हुए हैं।