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फाल आर्मी का प्रकोप, किसानों की फसल हुई तबाह

Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jul 2021 11:57 PM IST
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मलपुर पंचायत में मक्की के पौधे में लगा फाल आर्मी वर्म का प्रकोप। संवाद
मलपुर पंचायत में मक्की के पौधे में लगा फाल आर्मी वर्म का प्रकोप। संवाद - फोटो : SOLAN
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बद्दी (सोलन)। बीबीएन में मक्की की फसल पर फाल आर्मी वर्म ने हमला बोल दिया है। कोई भी किसान इसके प्रकोप से अछूता नहीं रहा है। किसानों के खेत इसकी चपेट में आ गए हैं। किसानों का कहना है कि पिछले साल मक्की की फसल अच्छी थी तो रेट नहीं मिले। इस साल फसल आने से पहले कीट ने तबाह कर दी है।
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बीबीएन में 9700 हेक्टेयर पर मक्की की फसल लगाई जाती है। किसान यहां पर मक्की को नकदी फसल के रूप में उगाते हैं। यहां पर तैयार होने वाली मक्की की फसल में जो चमक आती है, उसके आगे पंजाब की फसल भी फीकी पड़ जाती है। इस साल फाल आर्मी वर्म (सूंडी) ने किसानों के खड़ी फसल तबाह कर दी है। बद्दी के मलपुर, किशनपुरा, मानपुरा, खरूमी, खेड़ा, बागवानियां, राजपुरा, किरपालपुर पंचायतों में इसका प्रकोप अधिक दिखाई दिया है।

मलपुर पंचायत के पूर्व प्रधान व प्रगतिशील किसान पोला राम चौधरी ने बताया कि उनकी पंचायत में कोई भी खेत इस कीट के प्रकोप से नहीं बचा है। हर किसान के खेत के खेत तबाह हो गए हैं। हैरानी की बात है कि कीटनाशक के छिड़काव के बाद भी इस पर कोई असर नहीं हो रहा है। खेड़ा के किसान अवतार सैणी, डूमनवाला के अमरचंद ठाकुर, नालागढ के प्रेम चौधरी, भोगपुर के सुरेंद्र कुमार, बरूणा के विनोद ठाकुर ने बताया कि सूंडी ने किसानों के फसल नष्ट कर दी है।
उधर, कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि यह प्रकोप पिछले साल दक्षिण भारत से आया था। पिछले साल इसका प्रभाव कम था लेकिन इस साल पूरे बीबीएन और हिमाचल में देखने को मिल रहा है। जिन पौधों में यह रोग लगा है, किसान उसे मिट्टी में दबा दें या जला दें। किसानों को इसका प्रकोप खत्म करने के लिए दलहन फसलों की ओर रुख करना पड़ेगा। फसल चक्र अपनाने से इसका प्रकोप रुक सकता है।
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