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हाईवे किनारे फेंक दिए आई ड्रॉप्स के डिब्बे
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हाईवे पर सनवारा के समीप फैंकी गए आई ड्रॉप्स के सील बंद डिब्बे। संवाद
- फोटो : SOLAN
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सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच के किनारे सनवारा के पास एक्सपायरी आई ड्रॉप्स के डिब्बे फेंके गए हैं। हाईवे किनारे दवाइयां फेंकने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी एक्सपायरी होने के बाद दवाइयां हाईवे किनारे मिली हैं। इसे पंचायत ने भी डिस्पोज किया है। अब फिर हाईवे किनारे आई ड्रॉप्स के डिब्बे मिले हैं।
हैरत की बात तो यह है कि इन डिब्बों से कई आई ड्रॉप्स को खोल कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। इस मामले में उपमंडलाधिकारी कसौली ने तुरंत संज्ञान लिया है। बताया जा रहा है कि कई सील बंद पैकेट हैं और एक पैकेट में करीब 30 डिब्बे हैं। इसी तरह से काफी नीचे तक डिब्बे फेंके गए हैं। सभी आई ड्रॉप्स जनवरी में एक्सपायरी होने के बाद फेंके हैं। नियमों के अनुसार दवाइयों के एक्सपायरी हो जाने के बाद मानदंडों के अनुसार इन्हें डिस्पोज किया जाता है।
गौरतलब है कि दो साल पहले भी सनवारा के जंगलों में दवाइयों के एक्सपायरी होने के बाद फेंकने का मामले आया था। इस पर संबंधित कंपनियों से जानकारी ली गई थी। उस दौरान भी अलग-अलग जगह पर दवाइयां फेंकी गई थी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा था। उपमंडलाधिकारी कसौली डॉ. संजीव कुमार धीमान ने कहा कि मामले में तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी धर्मपुर डॉ. अमित रंजन को नियमानुसार दवाइयों को डिस्पोज करने के लिए कहा है।
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हैरत की बात तो यह है कि इन डिब्बों से कई आई ड्रॉप्स को खोल कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। इस मामले में उपमंडलाधिकारी कसौली ने तुरंत संज्ञान लिया है। बताया जा रहा है कि कई सील बंद पैकेट हैं और एक पैकेट में करीब 30 डिब्बे हैं। इसी तरह से काफी नीचे तक डिब्बे फेंके गए हैं। सभी आई ड्रॉप्स जनवरी में एक्सपायरी होने के बाद फेंके हैं। नियमों के अनुसार दवाइयों के एक्सपायरी हो जाने के बाद मानदंडों के अनुसार इन्हें डिस्पोज किया जाता है।
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गौरतलब है कि दो साल पहले भी सनवारा के जंगलों में दवाइयों के एक्सपायरी होने के बाद फेंकने का मामले आया था। इस पर संबंधित कंपनियों से जानकारी ली गई थी। उस दौरान भी अलग-अलग जगह पर दवाइयां फेंकी गई थी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा था। उपमंडलाधिकारी कसौली डॉ. संजीव कुमार धीमान ने कहा कि मामले में तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी धर्मपुर डॉ. अमित रंजन को नियमानुसार दवाइयों को डिस्पोज करने के लिए कहा है।
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