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Solan News: धुंदन स्कूल में सजी पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी, विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
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राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन में आयोजित एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत वि
एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के पकवान किए प्रस्तुत, सांस्कृतिक और पोषण महत्व की भी दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट(सोलन)। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन में एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगी। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अलग-अलग राज्यों के पकवान तैयार किए। उन्होंने इन पकवानों के सांस्कृतिक और पोषण संबंधी महत्व की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इसका लक्ष्य भारत के विभिन्न राज्यों की खान-पान परंपराओं से परिचित कराना भी था। प्रधानाचार्य मनोरमा चड्ढा ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ती हैं। कार्यक्रम का संचालन एक भारत श्रेष्ठ भारत की समन्वय अधिकारी जागृति कपिल के मार्गदर्शन में हुआ। विद्यार्थियों और अध्यापकों ने प्रदर्शनी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने विभिन्न व्यंजनों का अवलोकन कर उनकी विशेषताओं को जाना।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने भारत के विविध राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों को प्रस्तुत किया। उन्होंने इन पकवानों के सांस्कृतिक और पोषण संबंधी पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस पहल से विद्यार्थियों में देश की विभिन्न खान-पान परंपराओं के प्रति समझ विकसित हुई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और अध्यापकों की सक्रिय भागीदारी रही।
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दाड़लाघाट(सोलन)। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन में एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगी। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अलग-अलग राज्यों के पकवान तैयार किए। उन्होंने इन पकवानों के सांस्कृतिक और पोषण संबंधी महत्व की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इसका लक्ष्य भारत के विभिन्न राज्यों की खान-पान परंपराओं से परिचित कराना भी था। प्रधानाचार्य मनोरमा चड्ढा ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ती हैं। कार्यक्रम का संचालन एक भारत श्रेष्ठ भारत की समन्वय अधिकारी जागृति कपिल के मार्गदर्शन में हुआ। विद्यार्थियों और अध्यापकों ने प्रदर्शनी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने विभिन्न व्यंजनों का अवलोकन कर उनकी विशेषताओं को जाना।
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प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने भारत के विविध राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों को प्रस्तुत किया। उन्होंने इन पकवानों के सांस्कृतिक और पोषण संबंधी पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस पहल से विद्यार्थियों में देश की विभिन्न खान-पान परंपराओं के प्रति समझ विकसित हुई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और अध्यापकों की सक्रिय भागीदारी रही।
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