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Solan News: विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता और पोषण पर जोर
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सोलन में सीएचटी और बीईईओ की मासिक समीक्षा बैठक
धर्मपुर और कुठाड़ शिक्षा खंडों के अध्यापकों ने लिया भाग
एक पेड़ मां के नाम अभियान और ग्रीन स्कूल कार्यक्रम की दी जानकारी
स्कूल परिसरों के सौंदर्यीकरण, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सेंटर हेड टीचर्स और ब्लॉक एलीमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर्स की मासिक समीक्षा बैठक की। इसकी अध्यक्षता उप जिला शिक्षा अधिकारी सोलन राज कुमार पराशर ने की। शैक्षणिक खंड धर्मपुर और कुठाड़ के संयुक्त सत्र में 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
बैठक में मुख्य रूप से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए तीन विषयों पर चर्चा की गई। इसमें कक्षा 3 से 9 वर्ष की आयु के बच्चों को अनिवार्य रूप से बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता में सक्षम बनाने पर चर्चा हुई। एफएलएन टास्क फोर्स के सदस्य और उप जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी सीएचटी को मिशन का कड़ाई से पालन करने और रिपोर्ट करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद देवी संस्थान जिला सोलन की समन्वयक मोनिका, बिंदु महाजन और प्रदीप ने इस विषय की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक का दूसरा एजेंडा मिशन व्हाइट अंब्रेला रहा। इसका उद्देश्य न्यूट्रीशन गार्डन और ईको क्लब कार्यक्रम के सहयोग से मिड-डे मील योजना में छात्रों को पौष्टिक भोजन देना है। जिले के स्कूलों के शिक्षकों को इस संबंध में पहले ही प्रशिक्षण मशरूम अनुसंधान निदेशालय सोलन में ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
उप जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कई स्कूलों ने भी मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तीसरे एजेंडे के तहत स्कूलों में ईको क्लब की गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके तहत कैंपस के सौंदर्यीकरण और पौधरोपण के साथ-साथ कई अन्य पहलों को लागू करने के लिए कहा गया। समग्र शिक्षा के यूथ एवं ईको क्लब के तहत एक पेड़ मां के नाम अभियान और हिमकोस्ट हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रायोजित सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट का ग्रीन स्कूल प्रोग्राम के बारे में भी जानकारी साझा की गई। इस मौके पर जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अमरीश शर्मा और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी धर्मपुर विशेष रूप से मौजूद रहे।
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धर्मपुर और कुठाड़ शिक्षा खंडों के अध्यापकों ने लिया भाग
एक पेड़ मां के नाम अभियान और ग्रीन स्कूल कार्यक्रम की दी जानकारी
स्कूल परिसरों के सौंदर्यीकरण, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सेंटर हेड टीचर्स और ब्लॉक एलीमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर्स की मासिक समीक्षा बैठक की। इसकी अध्यक्षता उप जिला शिक्षा अधिकारी सोलन राज कुमार पराशर ने की। शैक्षणिक खंड धर्मपुर और कुठाड़ के संयुक्त सत्र में 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
बैठक में मुख्य रूप से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए तीन विषयों पर चर्चा की गई। इसमें कक्षा 3 से 9 वर्ष की आयु के बच्चों को अनिवार्य रूप से बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता में सक्षम बनाने पर चर्चा हुई। एफएलएन टास्क फोर्स के सदस्य और उप जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी सीएचटी को मिशन का कड़ाई से पालन करने और रिपोर्ट करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद देवी संस्थान जिला सोलन की समन्वयक मोनिका, बिंदु महाजन और प्रदीप ने इस विषय की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक का दूसरा एजेंडा मिशन व्हाइट अंब्रेला रहा। इसका उद्देश्य न्यूट्रीशन गार्डन और ईको क्लब कार्यक्रम के सहयोग से मिड-डे मील योजना में छात्रों को पौष्टिक भोजन देना है। जिले के स्कूलों के शिक्षकों को इस संबंध में पहले ही प्रशिक्षण मशरूम अनुसंधान निदेशालय सोलन में ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
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उप जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कई स्कूलों ने भी मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तीसरे एजेंडे के तहत स्कूलों में ईको क्लब की गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके तहत कैंपस के सौंदर्यीकरण और पौधरोपण के साथ-साथ कई अन्य पहलों को लागू करने के लिए कहा गया। समग्र शिक्षा के यूथ एवं ईको क्लब के तहत एक पेड़ मां के नाम अभियान और हिमकोस्ट हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रायोजित सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट का ग्रीन स्कूल प्रोग्राम के बारे में भी जानकारी साझा की गई। इस मौके पर जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अमरीश शर्मा और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी धर्मपुर विशेष रूप से मौजूद रहे।
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